मोदी से भारी नाराजगी: जोशी की भाजपा में वापसी करवा कर रहेंगे भागवत

नागपुर. राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत, गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के संजय जोशी के मामले में किए व्यवहार से नाखुश बताए जा रहे हैं। मोदी ने अपने विरोधी जोशी के मुद्दे पर जिस तरह से भाजपा की बांह मरोड़ी, उससे भागवत को ठेस पहुंची है। मोदी के दबाव के आगे झुकते हुए भाजपा ने पहले तो संघ के सालों पुराने और बेहद विश्वसनीय कार्यकर्ता जोशी का राष्ट्रीय कार्यकारिणी से इस्तीफा स्वीकार कर लिया और बाद में बाहर का रास्ता भी दिखा दिया। इतने अपमान के बावजूद जोशी ने अपना मुंह सिले रखा और एक भी शब्द नहीं कहा। संघ से जुड़े एक पदाधिकारी ने नाम गुप्त रखे जाने की शर्त पर बताया कि भाजपा के मुखपत्र 'कमल संदेश' में हालिया छपे संपादकीय में कहा गया है कि कोई भी नेता खुद को पार्टी से बड़ा नहीं समझे, यह भागवत की राय है। उन्होंने कहा कि इस सारे ‘नाटक’ पर संघ केवल इसलिए ही चुप्पी साधे है क्योंकि गुजरात विधानसभा के चुनाव दिसम्बर में होंगे और इसी महीने में भाजपा अध्यक्ष्ा पद नितिन गडकरी का दोबारा सौंपा जाना है। उन्होंने कहा कि भाजपा को वैचारिक प्रेरणा देने वाला संघ, चाहता है कि गुजरात चुनाव के बाद जोशी को पार्टी में वापस लिया जाए। आरएसएस के यहां स्थित मुख्यालय में चर्चा आम है कि मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर जोशी को कोई महत्वपूर्ण भूमिका सौंपी जा सकती है। संघ परिवार से जुड़े कुछ लोगों का मानना है कि मोदी का अहंकारी रवैया गुजरात विधानसभा चुनावों के बाद बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संघ अगर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा तो इसकी वजह यह है कि भाजपा में प्रधानमंत्री पद के दावेदारों में शामिल मोदी की भावनाएं आहत हो सकतीं हैं और इसका असर चुनावों पर पड़ सकता है।