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जेटली के अंतिम बजट में सभी को साधने का प्रयास

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लखनऊ। केन्द्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने संसद में मोदी सरकार का जो अंतिम पूर्ण बजट पेश किया है, उसमें सभी के हितों को ध्यान में रखा गया है। बजट में विभिन्न क्षेत्रों के साथ महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों की जरूरतों और उनके हितों का बेहद ध्यान रखा गया है। बजट में महिलाओं को उज्ज्वला योजना का लक्ष्य 5 करोड़ से बढ़ाकर 8 करोड़ दिया गया है। वहीं महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए ऋण 2016-17 में बढ़कर लगभग 42,000 करोड़ रुपए हो गया था।पिछले साल की तुलना में इसमें 37 फीसदी का इजाफा हुआ है। स्वयं सहायता समूहों के लिए ऋण मार्च 2019 तक बढ़कर 75,000 करोड़ रुपये हो जाएगा। इसके साथ ही 2018-19 में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के लिए आवंटन राशि बढ़ाकर 5,750 करोड़ रुपए करने का प्रस्ताव रखा गया है।

बजट में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन की संचालित योजनाओं में महिला कर्मियों के लिए कॉन्ट्रिब्यूशन रेट को कम कर दिया है। महिला कर्मियों के लिए पीएफ योजनाओं में कॉन्ट्रिब्यूशन रेट 8 फीसदी के बीच किया गया है। इसमें जिन महिलाओं का वेतन कम है, वह कम ईपीएफ कटवाकर ज्यादा पैसा खर्च के लिए रख सकती है। पहले यह करीब 9 फीसदी था जबकि सरकार ने इस साल नए कर्मचारियों के लिए यह बढ़ाकर 12 फीसदी कर दिया है।

इसके अलावा बजट को वरिष्ठ नागरिकों के लिहाज से देखें तो उनके लिए भी विशेष पहल की गई है। बुजुर्गों को विभिन्न जमाओं पर मिलने वाले 50,000 रुपये तक के ब्याज पर अब टैक्स छूट मिलेगी। पहले यह सीमा 10,000 रुपये थी। धारा 194ए के तहत टीडीएस काटने की जरूरत नहीं होगी। सभी फिक्स्ड डिपॉजिट और आवर्ती जमा योजनाओं के तहत प्राप्त ब्याज पर भी लाभ मिलेगा। धारा 80डी के तहत हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम और चिकित्सा व्यय के लिए कटौती सीमा 30,000 रुपये से बढ़ाकर 50,000 रुपये कर दी गई है।

धारा 80डीडीबी के तहत कुछ विशेष गम्भीर बीमारियों पर चिकित्सा खर्च के लिए कटौती सीमा वरिष्ठ नागरिकों के मामले में 60,000 रुपये और अति वरिष्ठ नागरिकों के मामले में 80,000 रुपये से बढ़ाकर सभी बुजुर्गों के लिए 1 लाख रुपये कर दी गई है। इसके साथ ही वरिष्ठ नागरिकों के लिए जीवन बीमा निगम द्वारा संचालित ’प्रधानमंत्री वय वंदन योजना’ में निवेश करने की सीमा 7.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 15 लाख रुपये कर दी गई है। इसके साथ ही ’प्रधानमंत्री वय वंदन योजना’ की अवधि 2020 तक बढ़ाने का भी ऐलान किया गया है।

वहीं वेतनभोगी करदाताओं को 40,000 रुपये की मानक कटौती का लाभ दिया जाएगा। 2.50 करोड़ वेतनभोगी और पेंशनभोगियों को मानक कटौती का लाभ मिलेगा। बजट में हर तीन लोकसभा क्षेत्र में एक मेडिकल कॉलेज और हर लोकसभा सीट पर अस्पताल की बात कही गई है। इसका लाभ उत्तर प्रदेश को भी मिलेगा। प्रदेश में 80 लोकसभा सीटें हैं। इस तरह लगभग 26 मेडिकल कॉलेज उत्तर प्रदेश में होंगे। देखा जाए तो वर्तमान में सूबे में 13 सरकारी मेडिकल कॉलेज हैं, जबकि तीन और कॉलेज निर्माणाधीन हैं।

इस लिहाज से 10 मेडिकल कॉलेज उत्तर प्रदेश को मिलेंगे, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा और आम आदमी पहले से सुलभ तरीके से इलाज करा सकेगा। एक अहम फैसला लेते हुए सरकार देश के 10 करोड़ गरीब परिवारों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा योजना शुरू करने जा रही है। यह योजना लगभग 50 करोड़ लाभार्थियों को अस्पताल में द्वितीय एवं तृतीय दर्जे की देखभाल के लिए प्रति परिवार 5 लाख रुपये प्रति वर्ष तक उपलब्ध कराएगी। यह दुनिया की सबसे बड़ी सरकारी स्वास्थ्य सुविधा योजना बतायी जा रही है।

वहीं टीबी के मरीजों को पोषण सम्बन्धी सहायता के लिए 600 करोड़ रुपये भी दिये जायेंगे। इसके तहत इलाज करा रहे प्रत्येक टीबी मरीजों को 500 रुपये दिए जाएंगे। इसके अलावा 24 नए सरकारी मेडिकल कॉलेज खोलने का भी ऐलान किया गया है।

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