Home राज्य उत्तर प्रदेश-उत्तराखण्ड लखनऊ विधानसभा तीसरे दिन भी हंगामें की भेंट चढ़ा, विपक्ष ने सदन से वाकआउट किया

लखनऊ विधानसभा तीसरे दिन भी हंगामें की भेंट चढ़ा, विपक्ष ने सदन से वाकआउट किया

2 min read
0
0
49

विजय त्रिपाठी, लखनऊ। विधानसभा का तीसरा दिन भी हंगामे की भेंट चढ़ गया। एक ओर योगी सरकार सत्र में विधायी कार्यों को लेकर सदन चलाने के प्रति प्रतिबद्ध नजर आए तो वहीं विपक्ष योगी सरकार के कामकाज की आलोचना को सदन के अंदर से लेकर बाहर तक आलोचना करते हुए नजर आए। पूर्व में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिए हुए बयान कि समाजवाद आतंकवाद फैलाता है को लेकर आज समाजवादी पार्टी ने विधानसभा व विधान परिषद दोनों ही सदनों में जमकर हंगामा काटा और विधानसभा व विधान परिषद कि कार्यवाही को बाधित किया।

विपक्ष ने इलाहाबाद में हुई निर्मम हत्या को लेकर उत्तर प्रदेश की लचर कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए विधानसभा और विधान परिषद की कार्यवाही को बाधित किया और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान को लेकर जमकर हंगामा काटते हुए योगी आदित्यनाथ से माफी मांगने को कहा और सदन से वाकआउट कर दिया। विधानसभा में सोमवार को प्रश्नकाल खत्म होते ही सपा सदस्य वेल में आ गए और जोरदार नारेबाजी कर मुख्यमंत्री के बयान पर चर्चा की मांग की। हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही 15 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी। इससे नाखुश सपा सदस्यों ने वेल में धरना दे दिया। बाद में सपा के हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

सपा के नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी ने मुख्यमंत्री द्वारा समाजवाद पर टिप्पणी करने का मुद्दा उठाया। रामगोविंद चौधरी ने कहा कि सदन में आए सभी सदस्य किसी न किसी विचारधारा से प्रेरित होते हैं। समाज में सभी विचारधाराओं पूंजीवाद, एकात्मवाद, समाजवाद को स्थान दिया गया है। उन्होंने निंदा करते हुए कहा कि आजादी के आंदोलन में समाजवादियों ने बराबर का हिस्सा लिया। चाहे जय प्रकाश नारायण हों, राम मनोहर लोहिया, चंद्रशेखर और जनेश्वर मिश्र जैसे नेताओं ने देश के लिए क्या नहीं किया। 1942 में समाजवादियों ने अंग्रेजी शासन को तार-तार करने के लिए सब कुछ किया। नेता सदन मुख्यमंत्री ने जो भाषण दिया उसकी निंदा करता हूं और उन्हें देश से माफी मांगनी चाहिए।

संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने रामगोविंद चैधरी का कड़ा विरोध किया। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष से बात हो गई थी कि किसी दिन तय कर लेंगे और नेता सदन भी मौजूद रहेंगे। इसके बावजूद यह मुद्दा उठाना उचित नहीं है। तय हुआ था कि मुख्यमंत्री 15 फरवरी को बोलेंगे। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद नेता प्रतिपक्ष न जाने कहां से गलत बातों का जखीरा लाए हैं। जबतक सत्तापक्ष में रहे तो नियमावली आदि की किताबों को उन्होंने ताले में बंद कर दिया था और जब चाभी आई और ताला खोलने की नौबत आई तबतक इनकी सरकार चली गई। सुरेश खन्ना की इस टिप्पणी के बाद सपा से सभी सदस्य नारेबाजी करते हुए वेल में उतर आए। उन्होंने टिप्पणी किए जाने की निंदा की।

विधान परिषद में भी विपक्षी दलों ने प्रदेश की ध्वस्त कानून-व्यवस्था का मामला उठाकर हंगामा शुरु कर दिया। विधान परिषद में 12 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होते ही सपा सदस्यों ने वेल में आकर हंगामा और नारेबाजी शुरू कर दी। सपा के सदस्यों ने मुख्यमंत्री से माफी मांगने की मांग करते हुये सभापति पर कागज के गोले भी फेंके। हंगामे को देखते हुये सभापति ने विधान परिषद सदन कल तक स्थगित कर दिया। इससे पहले विधान परिषद में आज सदन की कार्यवाही शुरू होते ही समाजवादी पार्टी के साथ बहुजन समाज पार्टी के नेताओं ने इलाहाबाद में दो दिन पहले दलित छात्र की हत्या का मामला उठा दिया। इनके साथ ही कांग्रेस ने प्रदेश की ध्वस्त कानून-व्यवस्था के लिए सरकार को घेरने का प्रयास किया।

विधान परिषद में भी सपा के नेता अहमद हसन ने पत्रकारों से कहा कि समाजवादियों को आतंकवादी कहना दुर्भाग्यपूर्ण है। इसके लिए मुख्यमंत्री को सदन में आकर मांफी मांगना चाहिये। जब तक योगी माफी नहीं मांगेंगे तबतक विपक्ष चुप नहीं बैठेगा। गौरतलब है कि इलाहाबाद में दो दिन पहले एलएलबी कर रहे दलित छात्र की हत्या कर दी गई थी। बसपा नेता इस पर चर्चा करने की मांग कर रहे थे। इसके बाद सपा नेताओं ने सीएम योगी द्वारा समाजवादियों को आतंकी कहे जाने पर हंगामा किया और सीएम से मांफी मांगने की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की।

Load More Related Articles
Load More By news_admin
Load More In उत्तर प्रदेश-उत्तराखण्ड

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also

कर्नाटक में JDS-कांग्रेस की बनेगी सरकार, ’20-13′ का फॉर्मूला तैयार

बंगलौर। कर्नाटक में भाजपा सरकार के गिरने के बाद कुमारस्वामी सरकार के लिए फॉर्मूला तैयार हो…