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श्रावस्ती मॉडल पर चिन्हित लौहर पश्चिम ग्राम का जिलाधिकारी तथा पुलिस अधीक्षक द्वारा निरीक्षण

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सुलतानपुर। जिलाधिकारी संगीता सिंह तथा पुलिस अधीक्षक अमित वर्मा ने श्रावस्ती मॉडल पर चिन्हित धम्मौर थाना अन्तर्गत लौहर पश्चिम ग्राम का आज स्थलीय निरीक्षण किया तथा ग्रामवासियों से भूमि विवाद प्रकरणों की जानकारी प्राप्त कर संयुक्त टीम द्वारा निस्तारण कराया गया। जिलाधिकारी ने निरीक्षण के समय समीक्षा में पाया कि इस गांव में भूमि विवाद से सम्बन्धित दो प्रकरण निस्तारण हेतु लम्बित थे। एक प्रकरण में चकरोड पर पेड़ हटाने का विवाद तथा दूसरा प्रकरण खडण्जा पर घूर लगाकर अतिक्रमण किया गया था।

इन प्रकरणों से सम्बन्धित सभी पक्षों को मौके पर बुलाया गया तथा उनसे वार्ता कर और उनकी सहमति से चिन्हांकर कर विवादों /अतिक्रमण का निस्तारण कराया गया। जिलाधिकारी के संज्ञान में ग्रामीणों ने लाया कि श्यामलाल तथा उसकी पत्नी शांति की मृत्यु हो चुकी है, लेकिन अभी तक उनके वारिस रामजतन की वरासत दर्ज नहीं की गयी है। इस सम्बन्ध में जिलाधिकारी ने पाया कि कानून द्वारा अपने दायित्वों के प्रति लापरवाही बरती गयी है और सम्बन्धित की वरासत समय से नहीं की गयी। इसे गम्भीरता से लेते हुये जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी सदर को निर्देशित किया कि आज ही वरासत दर्ज कराकर खतौनी की नकल जारी कराएं एवं दायित्वों के प्रति लापरवाही के आरोप में राजस्व निरीक्षक सदाशिव पाण्डेय को प्रतिकूल प्रविष्टि दें।

इस गांव के करम सिंह ने बताया कि खतौनी में उनका नाम गलत दर्ज हो गया है। इस सम्बन्ध में जिलाधिकारी ने नाम का शुद्धीकरण कराने व संशोधित खतौनी की नकल जारी कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने अपने भ्रमण के दौरान चौपाल लगाकर ग्रामीणों से प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) तथा स्वच्छ शौचालयों के निर्माण के बारे में जानकारी ली। ग्रामीणों द्वारा बताया गया कि इस गांव में 25 लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लिए चयनित किया गया था और सभी को दोनों किस्तें मिल चुकी हैं। 22 आवास पूर्ण होने की जानकारी दी गयी तथा दो आवासों पर स्लैप डाला गया है। एक आवास रामजतन की पत्नी के नाम से था, जो वरासत दर्ज न होने के कारण अभी तक नहीं बन सका है। इस सम्बन्ध में जिलाधिकारी ने सभी सम्बन्धित को त्वरित कार्यवाही के निर्देश दिए।

स्वच्छ भारत मिशन के अन्तर्गत शौचालयों के निर्माण की समीक्षा में पाया गया कि इस गांव में बेसलाइन सर्वे के अनुसार 563 लोगों के घरों में शौचालय नहीं था, इनमें से 45 लोगों को शौचालय निर्माण हेतु धनराशि उपलब्ध कराकर शौचालय का निर्माण कराया गया। जिलाधिकारी ने ग्राम प्रधान तथा उपस्थित ग्रामीणों का आवाहन् किया कि जो लोग स्वयं से अपना शौचालय निर्माण कर सकते हैं। वे स्वतः शौचालय बनवायें। जिन लोगों की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है और स्वतः शौचालय का निर्माण करने में असमर्थ हैं, उनकी सूची मंगाकर खण्ड विकास अधिकारी एवं ए.डी.ओ. पंचायत के हस्ताक्षर से डी.पी.आर.ओ. को उपलब्ध करायी जाय। जिससे शौचालय निर्माण की स्वीकृत के साथ प्रथम किस्त की धनराशि भेजी जा सके।

इस मौके पर उपस्थित खण्ड विकास अधिकारी ने बताया कि दूबेपुर ब्लॉक में 06 गांव ओ.डी.एफ. हो चुके हैं। जिलाधिकारी ने खण्ड विकास अधिकारी व सम्बन्धित को निर्देशित किया कि 02 अक्टूबर 2018 के पहले सभी गांव को ओ.डी.एफ. घोषित करायें। जिलाधिकारी ने कहा कि इस गांव के जिन लोगों ने स्वतः अपना शौचालय निर्माण कराया है, उन्हें उनकी तरफ से प्रशंसा-पत्र देकर सम्मानित किया जाय। इस मौके पर जिलाधिकारी ने कक्षा 03 के छात्र शिवम से प्राथमिक विद्यालय में एम.डी.एम., ड्रेस, बैग, निःशुल्क पाठ्य पुस्तकों का वितरण तथा स्वेटर वितरण के बारे में जानकारी ली।

जिलाधिकारी के निरीक्षण के समय उपजिलाधिकारी सदर प्रमोद पाण्डेय, क्षेत्राधिकारी श्यामदेव, जिला सूचना अधिकारी आर.बी.सिंह, खण्ड विकास अधिकारी दूबेपुर व सम्बन्धित उपस्थित थे। श्रावस्ती मॉडल के अन्तर्गत आज विभिन्न थानों से 31 चिन्हित ग्रामों में राजस्व व पुलिस की संयुक्त टीमें भेजी गयी।

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