Home देश-दुनिया भारत बच्चियों से ‘Rape’ करने की सजा मौत, रेप पर फांसी वाले अध्यादेश को राष्ट्रपति की मंजूरी

बच्चियों से ‘Rape’ करने की सजा मौत, रेप पर फांसी वाले अध्यादेश को राष्ट्रपति की मंजूरी

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नई दिल्ली। भाजपा के शासन वाले तीन राज्यों राजस्थान, मध्य प्रदेश और हरियाणा की तर्ज पर केंद्र सरकार ने मासूम बच्चियों के साथ बलात्कार करने वालों के लिए मौत की सजा का प्रावधान करने का फैसला किया है। केंद्र सरकार ने इसके लिए अध्यादेश की मंजूरी दी है, जो राष्ट्रपति की अनुमति मिलने के साथ ही कानून बन जाएगा। गौरतलब है कि जम्मू कश्मीर के कठुआ और देश के कुछ दूसरे हिस्सों में मासूम बच्चियों के साथ बलात्कार और उनकी हत्या की घटनाएं हुई हैं, जिनको लेकर लोगों में भारी नाराजगी है। इस नाराजगी को दूर करने के लिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाने का फैसला किया।
विदेश से लौटते ही पीएम ने बुलाई थी बैठक
बहरहाल, केंद्रीय मंत्रिमंडल की शनिवार को दिल्ली में हुई बैठक में 12 साल से कम उम्र की बच्चियों से बलात्कार के दोषियों को मौत की सजा देने के अध्यादेश को मंजूरी दी गई। शनिवार की सुबह की तीन देशों की यात्रा से लौटे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें इस आपराधिक कानून के संशोधन अध्यादेश 2018 को मंजूरी दी गई। बताया जा रहा है कि सरकार ने देश के कुछ हिस्सों में बलात्कार की घटनाओं को गंभीरता से लिया है और ऐसी घटनाओं पर नाराजगी जताई है।

आपराधिक कानून संशोधन अध्यादेश में आईपीसी, साक्ष्य कानून, आपराधिक प्रक्रिया संहिता और बाल यौन अपराध संरक्षण कानून, पोक्सो में संशोधन का प्रावधान है। जम्मू कश्मीर के कठुआ और गुजरात के सूरत जिले में हाल ही में मासूम बच्चियों के साथ बलात्कार और उनकी हत्या किए जाने की घटनाएं हुई हैं। बहरहाल, अब इस अध्यादेश को मंजूरी के लिए राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा।
नाबालिग से रेप करने पर होगी उम्र कैद
इस अध्यादेश में 12 साल से कम उम्र की बच्चियों के साथ बलात्कार के दोषियों को फांसी देने और 16 साल से कम आयु की किशोरियों के साथ बलात्कार के दोषियों की अधिकतम सजा दस से बढ़ा कर 20 साल करने का प्रावधान है। इसे बढ़ा कर उम्र कैद भी किया जा सकता है। इसके अलावा बलात्कार के मामलों की तेज गति से जांच और सुनवाई के लिए भी कई उपाए इसमें किए गए हैं।

किसी भी महिला के साथ बलात्कार के मामले में सजा सात साल से बढ़ा कर 10 साल कर दी गई है, जिसे बढ़ा उम्र कैद किया जा सकता है। 16 साल से कम उम्र की किशोरी से सामूहिक बलात्कार के दोषियों की सजा पूरे जीवन तक की कैद होगी। 12 साल से कम उम्र के बच्चियों से बलात्कार के दोषियों को कम से कम 20 साल की जेल या मौत की सजा होगी। 12 साल से कम उम्र की लड़कियों से सामूहिक बलात्कार के दोषियों को परे जीवन तक कैद या मौत की सजा का प्रावधान किया गया है। इसमें बलात्कार से जुड़े सभी मामलों की सुनवाई का काम दो महीने में और अपील की सुनवाई छह महीने में पूरा करने की बात कही गई है।

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