Home Letest चुनावों पर आज रात होगा मंथन, मोदी ने दिया भाजपा-आरएसएस के नेताओं को रात्रि भोज का न्योता

चुनावों पर आज रात होगा मंथन, मोदी ने दिया भाजपा-आरएसएस के नेताओं को रात्रि भोज का न्योता

2 min read
0
0
99

अमर भारती।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रात राष्ट्रीय स्वयं संघ और भारतीय जनता पार्टी के प्रमुख नेताओं को रात्रि भोज पर बुलाया है। इस भोज के दौरान प्रधानमंत्री मोदी आगामी चुनावों पर मंथन करेंगे। बता दें कि 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव और तीन राज्यों में इसी साल के अंत में होने वालों चुनावों पर मंथन करने के लिए पीएम मोदी ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और भारतीय जनता पार्टी के प्रमुख नेताओं को भोज पर आमंत्रित किया है। सूत्रों का कहना है कि वैसे तो यह नेताओं के साथ पीएम मोदी की रूटीन बैठक है और पीएम हर साल अपने चुनिंदा नेताओं के साथ बैठक करते रहे हैं।

बृहस्पतिवार को भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) एवं उसके अनुषांगी संगठनों के वरिष्ठ पदाधिकारियों की बैठक हरियाणा के सूरजकुंड में शुरू हो चुकी है और यह तीन दिनों तक चलेगी। मिशन लोकसभा 2019 की रणनीति तैयार करने की दृष्टि से इस बैठक को काफी महत्व दिया जा रहा है। सूत्रों ने बताया कि बैठक की अनौपचारिक शुरूआत हो गई है।

सूत्रों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि प्रधानमंत्री ने इस तरह का भोज पिछले साल भी आयोजित किया था। चूंकि वह संघ परिवार का हिस्सा हैं इसलिए वह नेताओं से एक नियमित अवधि के बाद मिलते रहते हैं।

यह मीटिंग उस समय हो रही है जब भाजपा राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारी में जुटा है। बता दें कि भाजपा दो राज्यों में लंबे समय से शासन कर रही है और उसे सत्ता में बने रहने के लिए आरएसएस की सहायता पड़ सकती है।

क्योंकि संभव है कि छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश में भाजपा को सत्ता विरोधी लहर से जूझना पड़े। वैसे आरएसएस सत्ता और चुनावी प्रक्रिया से दूरी बना कर रखती है। वैसे उसका कैडर भाजपा को चुनावी मैदान में सहायता करता रहा है।

सूत्र ने बताया कि सूरजकुंड में होने वाली मीटिंग भाजपा की सालाना बैठक का ही हिस्सा है जिसमें भाजपा और आरएसएस के नेता भविष्य की योजनाओं पर विचार विमर्ष करते हैं। बताया जा रहा है कि इस मीटिंग में आरएसएस के सर कार्यवाह सुरेश भय्याजी जोशी,  राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले और कृष्णा गोपाल शामिल हो रहे हैं। वहीं भाजपा अध्यक्ष अमित शाह इस मीटिंग में शनिवार को हिस्सा ले सकते हैं।

सूत्रों का कहना है कि इस सम्मेलन में हर दिन 4 सत्र होंगे और इस दौरान 2019 में होने वाले चुनावी अभियानों में पार्टी कैसे कैडर और वोटर का प्रयोग कर सकती है, इस पर चर्चा करेगी। सम्मेलन में इस बात पर भी चर्चा होगी कि संघ और भाजपा के बीच तालमेल को और मजबूत बनाया जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक सम्मेलन पर उन संसदीयों सीटों पर भी फोकस किया जाएगा, जहां पार्टी चुनावों में दूसरे नंबर रही है।

भाजपा के लिए सूरजकुंड बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि 2014 में बीजेपी की जीत की स्क्रिप्ट यहीं लिखी गई थी। बीजेपी इससे पहले सूरजकुंड में सितंबर 2012 में राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक भी आयोजित कर चुकी है, जिसमें पार्टी ने यूपीए सरकार को उखाड़ फेंकने का आह्वान किया था। वहीं जून 2014 में बीजेपी के तकरीबन 200 नवनिर्वाचित सांसदों को ट्रेनिंग देने का आयोजन भी सूरजकुंड में किया गया था।

इसके अलावा यूपी, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर के विधानसभा चुनावों से पहले 10 सितंबर 2016 को भी सूरजकुंड में ही देशभर के संगठन मंत्रियों की मीटिंग आयोजित की गई थी, जिसमें 5 राज्यों में जीत हासिल करने की योजना बनाई गई। हालांकि पार्टी पंजाब को छोड़ अन्य 4 में सरकार बनाने में कामयाब रही थी।

Load More Related Articles
Load More By Amar Bharti
Load More In Letest

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also

11 साल की बच्ची के साथ 7 महीने तक चलता रहा हैवानियत का खेल, बिल्डिंग के कर्मचारियों ने किया बलात्कार

अमर भारती : तमिलनाडु के चेन्नई में एक 11 साल की बच्ची के साथ रोंगटे खड़े कर देने वाली हरकत…