Home राज्य उत्तर प्रदेश-उत्तराखण्ड प्लाॅस्टिक आधारित विकास का विकल्प तलाशने की जरूरत: योगी

प्लाॅस्टिक आधारित विकास का विकल्प तलाशने की जरूरत: योगी

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अमर भारती: उत्तर प्रदेश के  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को इण्डियन इण्डस्ट्रीज एसोसिएशन द्वारा आयोजित उत्तर प्रदेश उद्यमी महासम्मेलन-2018  का उद्घाटन किया।  इस अवसर पर उन्होंने कहा कि जनस्वास्थ्य की रक्षा के लिए पर्यावरण को प्राथमिकता देना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्लाॅस्टिक आधारित विकास का विकल्प तलाशने की जरूरत है। इसके लिए सभी के सहयोग को आवश्यक बताते हुए उन्होंने कहा कि ऐसा माॅडल अपनाया जाना चाहिए जो टिकाऊ और पर्यावरण के अनुकूल हो। कहा कि उत्तर प्रदेश में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम क्षेत्र में अपार सम्भावनाएं हैं।

एमएसएमई क्षेत्र को प्रोत्साहित करने के लिए अलग से नीति बनाकर लागू करने के साथ ही, इस क्षेत्र की सम्भावनाओं को मूर्त रूप देने के लिए सेक्टरवार नीतियां बनाकर लागू की गई हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने एमएसएमई क्षेत्र पर केन्द्रित विशिष्ट योजना ‘एक जनपद-एक उत्पाद’ लागू की है। इस योजना के सम्बन्ध में अगले माह एक विराट सम्मेलन आयोजित जाएगा। उन्होंने उद्यमियों को हर सम्भव सहयोग का आश्वासन देते हुए प्रदेश में उद्यम लगाने की अपील की। उन्होंने कहा कि एमएसएमई क्षेत्र द्वारा कम पूंजी में अधिक रोजगार के अवसर सृजित किए जाते हैं। इस क्षेत्र में रोजगार के असीम अवसरों को देखते हुए राज्य सरकार ‘एक जनपद-एक उत्पाद’ योजना में केन्द्र और प्रदेश की योजनाओं को जोड़कर दो करोड़ युवाओं को स्वरोजगार के माध्यम  स्वाबलम्बन की ओर अग्रसर करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी 14 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा पूर्वान्चल एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास किया जाएगा। यह एक्सप्रेस-वे प्रदेश में हर तरह के उद्यम को आगे बढ़ाने में सहायक होगा। उन्होंने कहा कि 29 जुलाई को प्रधानमंत्री जी द्वारा लखनऊ में साठ हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं को लांच किया जाएगा। इसके बाद प्रयास होगा कि हर तीन महीने में इस प्रकार के कार्यक्रम के माध्यम से उत्तर प्रदेश के विकास को नई गति दी जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार यूपी इन्वेस्टर्स समिट के अवसर पर प्रधानमंत्री जी द्वारा प्रदेश में डिफेन्स इण्डस्ट्रीयल काॅरिडोर की स्थापना की घोषणा को समयबद्ध ढंग से साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए निरन्तर कार्यवाही की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक विकास के लिए सुरक्षा की गारण्टी आवश्यक है।

वर्तमान राज्य सरकार ने प्रदेश में सुरक्षा का वातावरण उपलब्ध कराया है। इससे प्रदेश के औद्योगिक विकास को दिशा मिली है। उन्होंने कहा कि सोमवार को प्रधानमंत्री जी द्वारा नोएडा में दुनिया के सबसे बड़े मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग संयंत्र का उद्घाटन किया गया है। राज्य सरकार के द्वारा कानून-व्यवस्था के क्षेत्र में उठाए गए कदमों से ही यह सम्भव हुआ है, क्योंकि एक वर्ष पूर्व सैमसंग, एलजी, टीसीएस आदि कम्पनियां प्रदेश छोड़कर जाना चाह रही थीं। उद्यमीगण से अनिवार्य रूप से जीएसटी के तहत रजिस्ट्रेशन का आह्वान करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे उद्यमीगण केन्द्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का सरलता से लाभ उठा सकेंगे। उन्होंने कहा कि पिछले एक माह में जीएसटी रिफण्ड की कार्यवाही में तेजी आयी है, यह आने वाले समय में और बेहतर होगी। इस अवसर पर औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना, सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन मंत्री सत्यदेव पचैरी, मुख्य सचिव डाॅ अनूप चन्द्र पाण्डेय, पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह, आईआईए के अन्य पदाधिकारीगण तथा बड़ी संख्या में उद्यमीगण उपस्थित थे।

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