Home Letest भोले की भक्ति का कावड़ियों को मिला यह फल, जानिए पूरी खबर…

भोले की भक्ति का कावड़ियों को मिला यह फल, जानिए पूरी खबर…

2 min read
0
0
40

अमर भारती : सावन का महीना यानी भगवान शिव का महीना। हर साल जुलाई से अगस्त को सावन मास कहा जाता है क्योंकि यह भोले बाबा का महीना होता है। इसकी शुरुआत में ही लोग लाखों की संख्या में कावड़ यात्रा के लिए निकाल जाते है फिर शुद्ध जल से अपने भगवान पर जल चढ़ाकर उसका जलभिषेक कर यात्रा पूरी करते हैं। लोग दिल्ली, लखनऊ, हरियाणा जैसी अन्य जगहों से अपनी यात्रा शुरू करते हैं और हरिद्वार में स्नान करने के बाद जल अपने मटकों में भरकर अपने घर के पास के मंदिर तक लेकर जाते है।


कावड़ यात्रा करने वालों को कावड़िया कहा जाता है। यह कावड़िया बास की लकड़ी के दोनों सिरों पर हरिद्वार का पवित्र जल भरकर मटके में डालकर बांधते हैं और अपने कंधे पर रखकर यात्रा करते हैं। इस दौरान कावड़ियों के घरवाले भी कुछ परहेज़ भी करते हैं जैसे वह घर में प्याज़, लहसुन इत्यादि नहीं खाते। वैसे तो सावन के पूरे महीने में मांस, मछली और दारू का सेवन नहीं किया जाता। इसके अलावा इस कावड़ के समय में घरवाले घर पर छोक नहीं लगाते और तली हुई चीज़ भी नहीं बनाते। कावड़ से आने के बाद कावड़िये मंदिर में पूजा करते हैं।

इस साल 9 अगस्त 2018 को कावड़ियों के जल चढ़ाने का दिन या शिवरात्रि का दिन है। इस दिन लोग शिवरात्रि का वृत भी रखते हैं। इस वृत में लोग मंदिर में पूजा पाठ करते हैं और फिर निर्जल रहते हैं रात के समय वह जल पीकर और खाना खाकर अपना वृत खोलते हैं। सावन का महीना खास भगवान शिव का महीना होता है। लोग कावड़ यात्रा पर भोले बाबा के नारे लगाते जाते हैं, गाने बजाते जाते हैं। ‘बोल बम बम बम’।

अगर आप भी पत्रकारिता जगत में अपना नाम कमाना चाहते हैं तो हमारे मीडिया इंस्टीट्यूट में संपर्क करें।

यह भी देखें-

Load More Related Articles
Load More By Amar Bharti
Load More In Letest

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also

Asian Games : पहलवान विनेश ने गोल्ड मेडल जीत कर रचा इतिहास

अमर भारती : 18वें एशियाई खेलों के दूसरे दिन भारत की महिला पहलवान विनेश फोगाट ने 50 किलोग्र…