12 की जगह 8 घंटे हो शिफ्ट, न्यूनतम मासिक वेतन 20000 करने की मांग

नोएडा, 13 अप्रैल 2026: गौतमबुद्ध नगर के औद्योगिक क्षेत्र नोएडा फेज-2 (होजियरी कॉम्प्लेक्स), सेक्टर-60, 62 और आसपास के इलाकों में हजारों फैक्ट्री मजदूरों का वेतन वृद्धि और बेहतर कामकाजी परिस्थितियों की मांग को लेकर चल रहा प्रदर्शन सोमवार सुबह हिंसक रूप ले गया। प्रदर्शनकारियों ने कई वाहनों में आग लगा दी, पत्थरबाजी की और संपत्ति को नुकसान पहुंचाया, जिससे दिल्ली-एनसीआर में ट्रैफिक बुरी तरह प्रभावित हुआ। पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े और भारी पुलिस बल तैनात करने पड़ा।
प्रशासन ने दोनों पक्षों से संवाद जारी रखने की अपील की है।
आंदोलन का असर
नोएडा के होजियरी और गारमेंट सेक्टर में काम करने वाले मजदूरों का यह आंदोलन मुख्य रूप से हरियाणा सरकार द्वारा हाल ही में न्यूनतम मजदूरी में की गई 35% बढ़ोतरी से प्रेरित है। मजदूरों का कहना है कि नोएडा में उन्हें औसतन 10,000 से 13,000 रुपये मासिक वेतन मिलता है, जबकि पड़ोसी हरियाणा में यही राशि 19,000 रुपये तक पहुंच गई है। उन्होंने 8 घंटे की शिफ्ट, ओवरटाइम का डबल भुगतान, साप्ताहिक अवकाश, बोनस और कार्यस्थल पर सुरक्षा समिति जैसी मांगें रखी हैं। जिला प्रशासन और श्रम विभाग ने पहले ही कई बैठकें की हैं। नोएडा डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट मेधा रूपम ने कंपनियों को चेतावनी दी है कि वेतन में देरी या छंटनी न हो। कई फैक्टरियों के मालिकों और यूनियनों के बीच बातचीत भी शुरू हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर संवाद से यह मुद्दा सुलझ गया तो न केवल नोएडा के औद्योगिक क्षेत्र में श्रमिकों की स्थिति सुधरेगी, बल्कि पूरे दिल्ली-एनसीआर में श्रमिक-मालिक संबंधों का बेहतर मॉडल भी बनेगा।
यह आंदोलन पिछले तीन-चार दिनों से चल रहा था, लेकिन आज सुबह यह चरम पर पहुंच गया। गुरुग्राम (हरियाणा) से शुरू हुई चिंगारी अब नोएडा और फरीदाबाद तक फैल गई है।
मजदूरों की प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:
- न्यूनतम मासिक वेतन 20,000 रुपये तक बढ़ाया जाए
- 12 घंटे की शिफ्ट की जगह 8 घंटे की शिफ्ट
- ओवरटाइम का डबल भुगतान और समय पर सैलरी
- हर रविवार साप्ताहिक छुट्टी
- कार्यस्थल पर सुरक्षा, बोनस और उचित दस्तावेजीकरण
प्रशासन ने मजदूरों को आश्वासन दिया है कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और जल्द ही एक बैठक बुलाई जाएगी। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में लाने का दावा किया है, लेकिन कुछ इलाकों में अभी भी तनाव बना हुआ है।