प्रेमी की हत्या में प्रेमिका सहित चार को उम्रकैद, 20-20 हजार अर्थदंड

झांसी। लव रिलेशन में रहने के बाद दूसरे अफेयर के शक में प्रेमिका ने अपने परिजनों के साथ मिलकर प्रेमी की गला दबाकर हत्या कर दी। हत्या को आत्महत्या दिखाने के लिए शव को फांसी के फंदे पर लटका दिया गया। मगर पुलिस की ठोस जांच और शासकीय अधिवक्ता की प्रभावी पैरवी के चलते अदालत ने दो साल में फैसला सुना दिया। अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी कनिष्क कुमार सिंह की अदालत ने प्रेमिका सहित चार लोगों को दोषी मानते हुए उन्हें उम्रकैद और 20-20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।

ऐसे हुआ मामले का खुलासा

शासकीय अधिवक्ता ज्ञान स्वरूप राजपूत के अनुसार, जिला हाथरस के सिकंदरा राऊ जमालपुर निवासी सत्येंद्र कुमार ने 21 मार्च 2023 को मऊरानीपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि उनका भतीजा शैलेन्द्र कुमार कोचिंग पढ़ाने का कार्य करता था और 13 मार्च को घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं आया।

15 मार्च को सत्येंद्र को एक लड़की का फोन आया, जिसने खुद को भावना आर्य (निवासी रानीपुर अथाईपुरा, मऊरानीपुर) बताया। भावना ने बताया कि वह और शैलेन्द्र कई महीनों से लिव-इन रिलेशनशिप में थे और किराए के मकान में रहते थे। उसने दावा किया कि विवाद के बाद शैलेन्द्र ने आत्महत्या कर ली।

हत्या के बाद आत्महत्या दिखाने की साजिश

सत्येंद्र कुमार ने इसे आत्महत्या मानने से इनकार किया और आरोप लगाया कि शैलेन्द्र की हत्या कर शव को फांसी पर लटकाया गया। पुलिस जांच में यह आरोप सही पाया गया। पुलिस ने भावना आर्य, उसके पिता बालकिशन, पिंकी उर्फ प्रेमकुमारी, नरेंद्र उर्फ नीरज और अर्जुन सेन के खिलाफ धारा 302 और 201 के तहत मुकदमा दर्ज कर सभी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

मजबूत पैरवी के बाद दोष सिद्ध, मिली सजा

न्यायालय में सुनवाई के दौरान शासकीय अधिवक्ता की ठोस पैरवी के चलते सभी आरोपियों पर हत्या और साक्ष्य छिपाने का आरोप सिद्ध हो गया। अदालत ने सभी को उम्रकैद की सजा सुनाते हुए 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।