
कोथावां/हरदोई : भाद्रपद मास के दूसरे रविवार को पौराणिक तीर्थ हत्या हरण पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। सुबह चार बजे से ही श्रद्धालुओं की भीड़ तीर्थ स्थल पर जुटने लगी और हजारों लोगों ने पवित्र सरोवर में डुबकी लगाकर अपने पापों का प्रायश्चित किया। श्रद्धालुओं ने स्नान के बाद परिवार की सुख-समृद्धि के लिए दान दिया और आस-पास स्थित मंदिरों में प्रसाद चढ़ाकर पूजा-अर्चना की।
मेला परिसर में पहुंची महिलाओं ने श्रृंगार सामग्री और घरेलू सामान खरीदा, जबकि बच्चे खिलौनों और रेलगाड़ी की सवारी का आनंद लेते नजर आए। तीर्थ में स्नान के दौरान किसी अप्रिय घटना से बचने के लिए नाव और ट्यूब की व्यवस्था की गई थी। सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी स्वयं हरियावां के क्षेत्राधिकारी अजीत सिंह चौहान ने की। उन्होंने पुलिसकर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और मेला क्षेत्र को पूरी तरह सुरक्षित बनाए रखा।
हत्या हरण तीर्थ उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में नैमिषारण्य के पास स्थित है और इसका उल्लेख पौराणिक ग्रंथों में मिलता है। मान्यता है कि त्रेता युग में भगवान राम ने रावण वध के उपरांत ब्रह्महत्या के पाप से मुक्ति पाने के लिए यहां स्नान किया था। तभी से यह स्थान ब्रह्महत्याहरण तीर्थ या हत्या हरण के नाम से प्रसिद्ध हुआ।
स्थानीय परंपराओं के अनुसार, इस सरोवर में स्नान करने से न केवल ब्रह्महत्या का दोष मिटता है बल्कि गोहत्या सहित अन्य पापों से भी मुक्ति मिलती है। हर वर्ष भाद्रपद माह में यहां विशेष स्नान और मेला आयोजित होता है, जिसमें दूर-दराज़ से हजारों श्रद्धालु शामिल होकर पुण्यलाभ प्राप्त करते हैं।