मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना: 321 कन्याओं का विवाह संपन्न, समाज में खुशियों का माहौल

बहराइच। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत गेंदघर परिसर में आयोजित भव्य कार्यक्रम में 321 जोड़ों ने जीवन संगिनी का साथ पाया। इस अवसर पर 40 मुस्लिम जोड़ों का निकाह और 281 हिंदू जोड़ों का विवाह हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार संपन्न कराया गया। कार्यक्रम में जिले के समस्त विकासखण्डों एवं नगरीय निकायों के अंतर्गत आने वाले जोड़ों का विवाह किया गया।

सामूहिक विवाह कार्यक्रम का शुभारम्भ सांसद बहराइच डॉ. आनन्द गोंड ने अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ दीप प्रज्ज्वलन कर किया। पाण्डाल में मुख्य वेदी पर यजमान के रूप में सांसद डॉ. आनन्द गोंड, पयागपुर विधायक सुभाष त्रिपाठी, नानपारा के रामनिवास वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष बृजेश पाण्डेय, और भाजपा जिला उपाध्यक्ष रणविजय सिंह ने कन्या पूजन के साथ वैदिक रीति-रिवाज के अनुसार कन्यादान किया।

इस अवसर पर जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक राम नयन सिंह, मुख्य विकास अधिकारी मुकेश चन्द्र, समस्त खण्ड विकास अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, उपायुक्त मनरेगा, उपायुक्त स्वतःरोजगार और जिला प्रोवेशन अधिकारी सहित अन्य गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति में कार्यक्रम संपन्न हुआ।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए सांसद डॉ. गोंड ने कहा कि समाज कल्याण विभाग की सभी योजनाओं का संचालन गरीब जनता के हित में किया जा रहा है। सरकार हर गरीब तक योजनाओं को पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बहराइच की जनता की ओर से धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने बताया कि योजना के सुचारू संचालन के लिए बजट पर्याप्त है और इस वर्ष प्रति जोड़ा एक लाख रुपये की राशि दी गई है। साथ ही, प्रदेश की एक लाख गरीब कन्याओं का विवाह कराने के लिए जिलाधिकारी और जिला अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।

सांसद डॉ. गोंड ने महिलाओं को सम्मान देने पर बल दिया और कहा कि सामूहिक विवाह योजना से गरीब परिवारों की आर्थिक भार कम होती है और सामाजिक सुरक्षा बढ़ती है।

कार्यक्रम में मौजूद जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और गणमान्य व्यक्तियों ने नवविवाहित दम्पत्तियों पर पुष्प वर्षा कर आशीर्वाद दिया। नवविवाहित जोड़ों को वैवाहिक सामग्री और मिष्ठान भी वितरित किया गया। कार्यक्रम के दौरान पूरे माहौल में उत्साह, उल्लास और सामाजिक एकता का संचार हुआ, जिससे उपस्थित लोग खुशी से झूम उठे।

सामूहिक विवाह कार्यक्रम ने न केवल 321 परिवारों को खुशियों की सौगात दी, बल्कि समाज में सहयोग, प्रेम और सामाजिक समरसता का संदेश भी फैलाया।