मौसम की मार और खाद की किल्लत पर आंदोलित किसान, डीएम से मिली राहत की उम्मीद

बाराबंकी।लगातार खराब मौसम और खाद की भारी किल्लत से जूझ रहे किसानों की पीड़ा आखिर प्रशासन तक पहुँच गई। भारतीय किसान संगठन के जिलाध्यक्ष के.के. यादव (गुड्डू) के नेतृत्व में संयुक्त किसान प्रतिनिधि मंडल ने शुक्रवार को जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी से मुलाकात कर किसानों की दयनीय स्थिति की जानकारी दी और तत्काल राहत की मांग की।

डीएम श्री त्रिपाठी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उप कृषि निदेशक धीरेन्द्र कुमार सिंह और जिला कृषि अधिकारी राजित राम को तत्काल तलब किया और किसान नेताओं के साथ आपात बैठक की। जिलाध्यक्ष के.के. यादव ने बताया कि समितियों में डीएपी व एनपीके खाद की कालाबाजारी चरम पर है — ₹1350 की खाद ₹1800 तक बेची जा रही है, जबकि छोटे किसान समितियों के चक्कर काटने को मजबूर हैं।

डीएम ने निर्देश दिया कि समस्त साधन सहकारी समितियों की जांच कर तत्काल रिपोर्ट सौंपी जाए, साथ ही खुद धरसनिया समिति की जांच करने निकल पड़े। उन्होंने स्पष्ट कहा — “आमजन की परेशानी बर्दाश्त नहीं होगी, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”

किसान नेताओं ने नवीन मंडी सचिव इंद्र कुमार पर अभद्रता और आदेशों की अवहेलना का भी आरोप लगाया। कहा कि सचिव किसानों से बात तक नहीं करता और डीएम के निर्देशों का मज़ाक उड़ाता है। किसान संगठनों ने सचिव के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई।

बैठक में प्रदेश अध्यक्ष लालजी यादव, सुनील यादव, विक्रांत सैनी, शैल कुमारी, रामानंद यादव, और संजय यादव समेत कई किसान नेता मौजूद रहे।

किसानों ने डीएम से मांग की है कि सभी किसानों को सहजता से खाद उपलब्ध कराई जाए और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए।