अधिवक्ता परिषद अवध की जिला इकाई ने रामनगर तहसील में मनाया संविधान दिवस, अपर मुख्य महाधिवक्ता हुए शामिल

रामनगर। अधिवक्ता परिषद अवध की बाराबंकी इकाई द्वारा तहसील सभागार में संविधान दिवस उत्साह और पूर्ण गरिमा के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि अपर महाधिवक्ता कुलदीप पति त्रिपाठी और विशिष्ट अतिथि ज्वाइंट मजिस्ट्रेट गुंजिता अग्रवाल शामिल हुए। दोनों ने संविधान की महानता, नागरिक कर्तव्यों और न्याय व्यवस्था की मजबूती पर विस्तृत विचार व्यक्त करते हुए कहा कि भारतीय संविधान देश की लोकतांत्रिक संरचना की रीढ़ है और इसका सम्मान प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।

पूर्व प्रांतीय संयोजक अमर नाथ मिश्रा ने संविधान निर्माण में विधिवेत्ताओं के योगदान पर प्रकाश डाला। हाई कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल पांडेय ने कहा कि संविधान ने सभी नागरिकों को समान अधिकार प्रदान किए हैं और हमें हमेशा संविधान सम्मत कार्य करना चाहिए। भाजपा किसान मोर्चा के पूर्व प्रदेश मंत्री सिद्धार्थ अवस्थी ने संविधान को भारत की आत्मा बताते हुए कहा कि अधिवक्ताओं का दायित्व है कि वे न्याय को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने में सेतु की भूमिका निभाएँ।

जिलाध्यक्ष कौशल किशोर त्रिपाठी, तहसील बार अध्यक्ष अनिल दीक्षित, पूर्व अध्यक्ष शिव प्रकाश अवस्थी और पूर्व महामंत्री सुरेश शास्त्री ने न्याय व्यवस्था में अधिवक्ताओं की अहम भूमिका पर चर्चा की। कार्यक्रम का संचालन पवन मिश्रा ने किया। गोष्ठी में उपस्थित प्रबुद्ध जनों व अधिवक्ताओं को सम्मानित किया गया, जिससे कार्यक्रम का माहौल और अधिक उत्साहपूर्ण हो गया।

अंत में सभी उपस्थित लोगों ने संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक वाचन करते हुए राष्ट्र की एकता, अखंडता और संवैधानिक मूल्यों के संरक्षण का संकल्प लिया। कार्यक्रम में सतीश शुक्ला, राम कुमार सोनी, दक्षराज सिंह, बी. डी. चौधरी, लव पाठक, धर्मेंद्र शुक्ला सहित अनेक अधिवक्ता मौजूद रहे। वरिष्ठ अधिवक्ताओं तथा मीडिया प्रतिनिधियों को भी सम्मानित किया गया।