खेत मे उतरे योगी, धरती के लिए दिया ‘हेल्थ प्रिस्क्रिप्शन’: किसान पाठशाला 8.0 से बदली खेती की क्लासरूम संस्कृति

रिपोर्ट : पंकज चतुर्वेदी

बाराबंकी के दौलतपुर गांव में आयोजित प्रगतिशील किसान सम्मेलन और खेती की बात खेत पर कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों से सीधा संवाद करते हुए रबी सत्र की किसान पाठशाला 8.0 का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि धरती माता हमारे भोजन का स्रोत हैं, इसलिए उसका स्वास्थ्य सुरक्षित रखना आवश्यक है। धरती स्वस्थ रहेगी तो मानव और पूरी सृष्टि सुरक्षित रहेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आगे बढ़ाए गए नेशनल विजन ऑफ नेचुरल फार्मिंग को उन्होंने इसी दिशा में बड़ा अभियान बताया।

सीएम योगी ने कहा कि किसान की आय बढ़ाने का मंत्र है—लागत कम, उत्पादन अधिक। समय पर बीज, खाद, सिंचाई और वैज्ञानिक तकनीक किसानों को समृद्धि की ओर ले जाती है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश की कृषि प्रगति, एमएसपी व्यवस्था, बहु-फसली खेती, तकनीक और नवाचार जैसे विषयों पर किसानों के साथ विस्तृत चर्चा की। उन्होंने प्रदर्शनी में उन्नत फसलों, सब्जियों, कृषि यंत्रों और एफपीओ आधारित नवाचारों का अवलोकन भी किया तथा प्रगतिशील किसानों को चेक व सम्मान पत्र वितरित किए।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने पिछले 11 वर्षों में समग्र विकास की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की है। उर्वर भूमि, जल संसाधन और मजबूत कनेक्टिविटी ने यूपी को कृषि और अवसंरचना के मोर्चे पर देश के अग्रणी राज्यों में शामिल किया है। उन्होंने बताया कि देश की कुल कृषि योग्य भूमि में यूपी का हिस्सा 11% है, जबकि राष्ट्रीय खाद्यान्न आपूर्ति में 21% योगदान प्रदेश का है। किसानों को बीज से लेकर बाजार तक सुविधाएं उपलब्ध कराकर लागत में कमी और उत्पादन में वृद्धि सुनिश्चित की गयी है।

सीएम योगी ने कहा कि पिछले आठ वर्षों में एमएसपी का भुगतान सीधे किसानों के खाते में पहुंच रहा है, जिससे बिचौलियों की भूमिका खत्म हुई है। हर खेत को पानी उपलब्ध कराने, माइक्रो इरीगेशन, सौर पंप, ड्रोन डोजिंग, खरपतवार नियंत्रण, स्वॉइल टेस्टिंग और प्राकृतिक खेती जैसे नवाचारों ने कृषि को वैज्ञानिक दृष्टिकोण दिया है। फूड प्रोसेसिंग, कोल्ड स्टोरेज, डिजिटल मंडी और ई-नाम के माध्यम से किसानों को उद्यमिता से जोड़कर नए रोजगार पैदा किए गए हैं। एक्सप्रेसवे और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क से किसानों की उपज राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय बाजारों में आसानी से पहुंच रही है।

उन्होंने कहा कि यूपी में नौ अलग-अलग जलवायु क्षेत्र हैं, और इनकी जरूरत के अनुसार उन्नत बीज और तकनीक उपलब्ध कराई जा रही है। वर्ष 2017 की तुलना में आज कृषि उत्पादन और पारदर्शिता दोनों में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है। कृषि विकास दर 8.6% से बढ़कर 17.7% तक पहुंची है। मुख्यमंत्री ने प्रगतिशील किसानों—विशेषकर पद्मश्री रामशरण वर्मा—की सराहना करते हुए कहा कि इनकी मेहनत और नवाचार ने प्रदेश को नई पहचान दी है और अन्य किसानों को प्रेरित किया है।

पद्मश्री रामशरण वर्मा ने भी मुख्यमंत्री और सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि प्रदेश का असली सोना लघु और सीमांत किसान हैं। उन्होंने सरकार द्वारा दी जा रही सुविधाओं का आभार व्यक्त किया और किसानों को बाजार की मांग के अनुरूप खेती करने की सलाह दी। इफको के चेयरमैन दिलीप संघानी ने सहकारिता को गांवों की समृद्धि का आधार बताया।

कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि यह पहला अवसर है जब मुख्यमंत्री स्वयं खेत पर आकर किसानों से खेती पर चर्चा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दौलतपुर गांव बहु-फसली खेती और तकनीकी नवाचार का मॉडल बन गया है। यहां के सफल प्रयोग अन्य जिलों के किसानों के लिए प्रेरणा हैं। कृषि मंत्री ने कहा कि डबल इंजन की सरकार किसानों की आय तीन गुना करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसान पाठशाला 8.0 का फीता काटकर शुभारंभ किया और प्रदर्शनी में शामिल उन्नत किस्म की सब्जियों, कृषि उत्पादों और यंत्रों का अवलोकन किया। कार्यक्रम में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, कृषि राज्यमंत्री, सांसद, विधायक और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। प्रदेश में कृषि सुधारों को लेकर एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई।

सम्मानित किसान और लाभार्थी:
पंकज कुमार, संजय कुमार यादव, संतोष कुमार सिंह, अमित मिश्रा, चंद्रशेखर प्रजापति, गुरुदत्त सिंह, गुरतेग सिंह, दिनेश चंद्र वर्मा, राम इकबाल वर्मा, बबलू कश्यप, पद्मश्री रामशरण वर्मा सहित कई किसानों को मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया। लाभार्थियों को विभिन्न अनुदानों के चेक वितरित किए गए।

मुख्यमंत्री द्वारा बताए गए प्रमुख आंकड़े:

गेहूं उत्पादन में देश का 35% योगदान यूपी का

राष्ट्रीय खाद्यान्न उत्पादन में 21% योगदान

देश के कुल गन्ना उत्पादन का 55% यूपी में

गन्ने की एमएसपी ₹400 प्रति क्विंटल

8 वर्षों में ₹2.92 लाख करोड़ गन्ना भुगतान

122 चीनी मिलें संचालित

एथेनॉल उत्पादन 41 करोड़ लीटर से बढ़कर 182 करोड़ लीटर

फल-सब्जी उत्पादन में यूपी देश में प्रथम

2.86 करोड़ किसान सम्मान निधि के लाभार्थी

लखनऊ में भारत रत्न चौधरी चरण सिंह के नाम पर सीड पार्क निर्माणाधीन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंत में किसानों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि डबल इंजन की सरकार अन्नदाता किसानों की समृद्धि को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है और विकसित भारत के निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है।