
सूरतगंज/बाराबंकी। ब्लॉक सूरतगंज क्षेत्र के ग्राम तुरकौली में ग्राम प्रधान सुधीर सिंह एवं उनकी पत्नी सपना सिंह के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का भक्तिमय माहौल में आयोजन किया जा रहा है। श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की कथा को सुनने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
गोकुल भवन से पधारे कथा व्यास श्री रासबिहारी जी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म प्रसंग का अत्यंत मधुर और भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने बताया कि द्वापर युग में मथुरा नगरी पर अत्याचारी राजा कंस का शासन था, जिसके आतंक से न केवल मथुरा बल्कि आसपास की जनता भी भयभीत थी। कंस ने अपनी बहन देवकी और बहनोई वासुदेव को कारागार में बंद कर उनके पुत्रों की हत्या करवा दी। ऐसे अत्याचारों के अंत के लिए भगवान श्रीकृष्ण ने देवकी की कोख से जन्म लेकर कंस का वध किया और धरती पर धर्म की पुनः स्थापना की।
कथा व्यास ने कहा कि मनुष्य दुख में तो ईश्वर को याद करता है, लेकिन सुख में उसे भूल जाता है। यदि सुख के समय भी ईश्वर का स्मरण किया जाए तो जीवन में दुख का प्रवेश ही नहीं होता। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का अवतार भक्तों के उद्धार और दुष्टों के संहार के लिए हुआ। जब-जब धर्म की हानि होती है, तब-तब भगवान अवतार लेकर अधर्म का नाश और धर्म की रक्षा करते हैं।
श्रीकृष्ण जन्म की कथा के दौरान पूरा पंडाल “जय कन्हैया लाल की”, “हाथी घोड़ा पालकी” के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालु भक्ति संगीत की धुनों पर नृत्य करते हुए भाव-विभोर नजर आए।
इस अवसर पर क्षेत्रीय भाजपा विधायक साकेंद्र प्रताप वर्मा, भाजपा नेता अंशुमान मिश्रा, कथा आयोजक ग्राम प्रधान सुधीर सिंह, सपना सिंह, हौसला बक्श सिंह, प्रेम सिंह, पवन सिंह, सतीश सिंह, अतुल सिंह, संदीप सिंह, समर सिंह, संगम सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।