
प्रयागराज। आस्था, परंपरा और आधुनिक व्यवस्था का संगम माने जाने वाला माघ मेला-2026 कल से शुरू होने जा रहा है। 44 दिनों तक चलने वाले इस भव्य धार्मिक आयोजन में देश-विदेश से 12 से 15 करोड़ श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना जताई जा रही है। प्रशासन ने मेला को सुरक्षित, स्वच्छ, सुव्यवस्थित और तकनीक-संपन्न बनाने के लिए व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं।
लगभग 800 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले माघ मेला क्षेत्र में इस बार श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए गंगा घाटों की लंबाई में करीब 50 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। भीड़ और सुरक्षा प्रबंधन के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सर्विलांस सिस्टम और रीयल टाइम मॉनिटरिंग व्यवस्था लागू की गई है, जिससे हर गतिविधि पर पल-पल नजर रखी जाएगी।
माघ मेला-2026 में पहली बार हाई-टेक सुविधाओं की शुरुआत की जा रही है। श्रद्धालुओं के लिए ऐप आधारित बाइक टैक्सी सेवा, क्यूआर कोड आधारित जानकारी प्रणाली और डिजिटल सेवाएं उपलब्ध होंगी। पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए मेला क्षेत्र में सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है और पूरे मेला क्षेत्र को ज़ीरो लिक्विड डिस्चार्ज मॉडल के रूप में विकसित किया गया है।
स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 16,650 शौचालय स्थापित किए गए हैं और 3,300 सफाई मित्रों को 24×7 तैनात किया गया है। इसके साथ ही अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। सोशल मीडिया सेल सक्रिय रूप से निगरानी करेगी ताकि किसी भी भ्रामक सूचना को तुरंत रोका जा सके।
मेला क्षेत्र में इस बार सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को भी विशेष रूप से प्रदर्शित किया जाएगा। 19वीं और 20वीं शताब्दी के माघ मेलों से जुड़े लोक अभिलेखों और दुर्लभ पांडुलिपियों की प्रदर्शनी श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र होगी।
कुल मिलाकर माघ मेला-2026 में आस्था के साथ-साथ सुरक्षा, स्वच्छता, नवाचार और संवेदनशील प्रशासन की झलक साफ दिखाई देगी, जो इस ऐतिहासिक आयोजन को एक नई पहचान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।