फर्जी पट्टा–पुलिस दबाव का सनसनीखेज आरोप, शेखदहीर भूमि विवाद में कानून-व्यवस्था पर सवाल

बहराइच। जनपद के शेखदहीर गांव से जुड़ा भूमि विवाद अब गंभीर कानून-व्यवस्था का मुद्दा बनता जा रहा है। नियमों को दरकिनार कर कथित रूप से जारी किए गए फर्जी पट्टे के सहारे जमीन पर कब्जा कराने और पुलिस द्वारा दबाव बनाए जाने के आरोपों ने प्रशासनिक तंत्र की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़ित पक्ष ने मामले में पुलिस अधीक्षक से सीधे हस्तक्षेप की मांग की है।
आरोप है कि पूर्ववर्ती सरकार के दौरान गाटा संख्या 2831 की 0.2430 हेक्टेयर भूमि का पट्टा ऐसे व्यक्ति के नाम दर्ज कर दिया गया, जो शासनादेश के अनुसार पट्टे की पात्रता पूरी नहीं करता। बताया गया है कि संबंधित व्यक्ति आर्थिक रूप से सक्षम है तथा उसके परिवार के पास पहले से ही पर्याप्त कृषि भूमि और आवासीय संपत्ति मौजूद है।
मामला उस समय और गंभीर हो गया जब 4 जनवरी की शाम विवादित भूमि पर पुलिस की मौजूदगी में कब्जा कराने का प्रयास किए जाने का आरोप सामने आया। पीड़ितों का कहना है कि मौके पर उन्हें डराया-धमकाया गया और जमीन खाली करने का दबाव बनाया गया। उनका दावा है कि उक्त भूमि पर उनका पुराना, वैध और प्रलेखित कब्जा है, जिसकी अनदेखी की जा रही है।
ग्रामीणों का आरोप है कि यदि समय रहते प्रशासन ने निष्पक्ष हस्तक्षेप नहीं किया तो स्थिति किसी भी समय गंभीर कानून-व्यवस्था संकट में बदल सकती है। पीड़ित पक्ष ने प्रशासन से कथित फर्जी पट्टा तत्काल निरस्त करने, पूरे प्रकरण की निष्पक्ष व उच्चस्तरीय जांच कराने, पुलिस की भूमिका की स्वतंत्र जांच तथा दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार शिकायत को संज्ञान में लेते हुए प्रारंभिक जांच शुरू कर दी गई है। अब सबकी निगाहें पुलिस अधीक्षक और वरिष्ठ अधिकारियों पर टिकी हैं कि इस संवेदनशील मामले में आगे क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं। यह प्रकरण अब केवल भूमि विवाद नहीं, बल्कि प्रशासनिक पारदर्शिता और पुलिस की निष्पक्षता की भी बड़ी कसौटी बन गया है।