विधायक ने किया शिलान्यास, सांसद करेंगी समापन, अड़ींग पंचायत में 39 करोड़ की परफॉर्मेंस ग्रांट पर उठे सवाल


रिपोर्ट – दिलीप यादव
मथुरा। गोवर्धन क्षेत्र की अड़ींग ग्राम पंचायत में 39 करोड़ रुपये की परफॉर्मेंस ग्रांट से जुड़े प्रारंभिक सभी प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास क्षेत्रीय विधायक मेघश्याम सिंह द्वारा किया गया, जबकि अंतिम परियोजना का शुभारंभ सांसद हेमा मालिनी 9 जनवरी को करेंगी। खास बात यह है कि पंचायत में पहले से करोड़ों की लागत से बने उत्सव केंद्र और अन्य भवन बदहाल स्थिति में पड़े हैं, जो अब डलावघर में तब्दील होते जा रहे हैं।


पंचायत क्षेत्र में पूर्व में करोड़ों रुपये खर्च कर बनाए गए उत्सव केंद्र, कैफिटेरिया और अन्य संरचनाएं आय अर्जन तो दूर, उपयोग के लायक भी नहीं रह गई हैं। रतन पार्क में बना उत्सव केंद्र चारों ओर गंदगी से घिरा हुआ है। कूड़ा निस्तारण की कोई व्यवस्था न होने के कारण बिहारी जी मंदिर जाने वाला मार्ग भी गंदगी से पट गया है। निर्माण कार्य बंद हुए एक वर्ष से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक समुचित भराव और रखरखाव नहीं किया गया। गांव में स्थित कैफिटेरिया में झाड़-झंखाड़ उग आए हैं और भवन के पत्थर गिरने लगे हैं। पंचायत की ओर से इन्हें पीपीपी मोड पर देने या आय अर्जन की कोई ठोस योजना नहीं बनाई गई है।
करीब साढ़े चार वर्षों के कार्यकाल में अधिकारियों पर केवल बजट खर्च करने का आरोप ग्रामीण लगा रहे हैं। सीसी सड़कों को छोड़ दिया जाए तो अधिकांश परियोजनाएं पूरा भुगतान होने के बावजूद अधूरी और अनुपयोगी पड़ी हैं। अब लगभग तीन करोड़ रुपये की लागत से एक नए बारातघर का शिलान्यास 9 जनवरी को प्रस्तावित है। पंचायत के पूर्व सभी कार्यों का शुभारंभ विधायक द्वारा किया गया, जबकि अंतिम परियोजना के लिए सांसद को आमंत्रित किया गया है।
रविवार को रतन पार्क क्षेत्र के शिवदत, बिंदो पंडित, राजेश गौड़, कुमारपाल सहित दर्जनों ग्रामीण स्वयं सफाई के लिए आगे आए, तब जाकर कुछ हद तक गंदगी हटाई जा सकी। वहीं सांसद के प्रस्तावित दौरे से पहले मुख्य बाजार में लगे कूड़े के ढेर भी हटाए जाने लगे हैं।
पंचायत में कथित घपलों और अधिकारियों की अनदेखी को लेकर की गई शिकायत लोकायुक्त स्तर पर विचाराधीन है। 6 दिसंबर को लोकायुक्त द्वारा शिकायतकर्ता से पूर्व जांचों से संबंधित जवाब मांगा गया था, जो भेज दिया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि राजनीतिक संरक्षण के चलते अब तक ग्रांट के दुरुपयोग पर किसी जिम्मेदार जनप्रतिनिधि ने खुलकर सवाल नहीं उठाया।
गौरतलब है कि अड़ींग ग्राम पंचायत की आबादी और क्षेत्रफल जनपद की कई नगर पंचायतों से अधिक है, इसके बावजूद यहां मात्र चार सफाई कर्मचारी तैनात हैं। आरोप है कि कुछ कर्मचारी अपने स्थान पर निजी तौर पर भाड़े पर लोग रखे हुए हैं, जिससे सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है।