शम्भल के बाद देवरिया में भी अवैध मजार पर चला प्रशासन का बुलडोजर, सरकारी भूमि से हटाया अतिक्रमण

देवरिया। शम्भल के बाद अब देवरिया जिले में भी अवैध अतिक्रमण के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए चर्चित अवैध मजार को बुलडोजर चलाकर हटवा दिया। रविवार को हुई इस कार्रवाई के दौरान तीन बुलडोजर एक साथ लगाए गए और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।
यह मामला तब सुर्खियों में आया था जब सदर विधायक डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी ने मजार को सरकारी भूमि पर अवैध बताते हुए इसकी जांच की मांग की थी। जांच के बाद विवाद एसडीएम कोर्ट तक पहुंचा, जहां मजार कमेटी के अध्यक्ष द्वारा भूमि से संबंधित कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया जा सका। तहसीलदार की जांच रिपोर्ट में भी मजार की भूमि को सरकारी बंजर भूमि बताया गया।


बताया जा रहा है कि देवरिया-गोरखपुर मुख्य मार्ग पर ओवरब्रिज के पूरब स्थित हजरत शहीद सैयद अब्दुल गनी शाह की लगभग 45 वर्ष पुरानी मजार सरकारी भूमि पर अवैध रूप से बनी हुई थी। राजस्व अभिलेखों में भी भूमि को सरकारी दर्ज पाए जाने के बाद जिला प्रशासन ने मजार कमेटी के सदस्यों को बुलाकर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए। कमेटी के सदस्यों ने आपसी सहमति के बाद लिखित रूप से प्रशासन को अतिक्रमण हटाने की अनुमति दी।
इसके बाद जिला प्रशासन ने पूरी तरह सुनियोजित तरीके से कार्रवाई करते हुए भारी पुलिस बल की मौजूदगी में तीन बुलडोजरों से मजार रूपी अतिक्रमण को हटवाया। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के मद्देनजर यातायात मार्ग परिवर्तित किया गया, जिससे पुलिस को वाहनों को वैकल्पिक रास्तों से भेजने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। वहीं, मौके पर मौजूद लोग अपने मोबाइल से कार्रवाई का वीडियो बनाते नजर आए।
जिला प्रशासन की इस कार्रवाई को लेकर पूरे जिले में चर्चाओं का बाजार गर्म रहा। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी ऐसी कार्रवाइयां जारी रहेंगी।