शिक्षकों के लंबे समय से बीएलओ कार्य करने से पठन-पाठन प्रभावित: डॉ. राकेश सिंह

बाराबंकी। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने शिक्षकों को बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) एवं पर्यवेक्षक के अतिरिक्त कार्यों से मुक्त करने की मांग उठाई है। डॉ. राकेश सिंह ने बताया कि परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों को लंबे समय से गहन पुनरीक्षण अभियान, बीएलओ एवं पर्यवेक्षक के पदों पर तैनात किए जाने के कारण विद्यालयों में पठन-पाठन का माहौल प्रभावित हो रहा है।
शीतकालीन अवकाश के बाद सत्र परीक्षाएं प्रस्तावित हैं, लेकिन शिक्षकों को मीटिंग, बीएलओ और पर्यवेक्षक ड्यूटी के नाम पर अवकाश के दिनों में भी बुलाया जा रहा है। उच्चाधिकारीगण ने अवकाश के दिन कार्य करने के बदले मिलने वाले प्रतिकर अवकाश की सुविधा समाप्त कर दी है। इससे शिक्षक अपने मूल शैक्षणिक कार्यों को संतोषजनक रूप से न कर पाने के कारण असंतोषित और आक्रोशित हैं।
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष डॉ. राकेश सिंह ने बताया कि बाराबंकी जनपद के शिक्षक एवं कार्यसमितियों के अनुरोध पर अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं प्रांतीय अध्यक्ष सुशील कुमार पांडे ने उत्तर प्रदेश शासन से आग्रह किया है कि परिषदीय शिक्षकों को बीएलओ और पर्यवेक्षक के कार्यों से मुक्त किया जाए। इसका उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना और शिक्षक एवं छात्र हित सुनिश्चित करना है।