हक़ की आवाज़ फैक्ट्री गेट से कलेक्ट्रेट तक” — वीआरडी शूज एक्सपोर्ट में शोषण के खिलाफ मजदूरों का धरना

किरावली । आगरा के हीरा लाल प्याऊ स्थित वीआरडी शूज एक्सपोर्ट कंपनी में कार्यरत श्रमिकों ने शोषण और उत्पीड़न के आरोप लगाते हुए फैक्ट्री गेट पर धरना प्रदर्शन किया। मजदूरों का आरोप है कि वर्षों से काम कराने के बावजूद फैक्ट्री प्रबंधन द्वारा न तो ईएसआई और न ही प्रोविडेंट फंड की सुविधा दी जा रही है। इसी के विरोध में अब आंदोलन तेज करते हुए कल जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव किए जाने की घोषणा की गई है।
धरना स्थल पर मौजूद किसान-मजदूर नेता चौधरी दिलीप सिंह ने कहा कि पीड़ित श्रमिकों को न्याय दिलाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर आवाज उठाई जाएगी और यदि जरूरत पड़ी तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि मजदूरों के अधिकारों के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
मजदूर नेता धीरज सिकरवार ने आरोप लगाया कि फैक्ट्री में श्रमिकों से प्रतिदिन 10 घंटे तक काम लिया जाता है, लेकिन इसके बदले मात्र 400 रुपये दैनिक मजदूरी दी जाती है, जो श्रम कानूनों का खुला उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि ईएसआई और पीएफ जैसी मूलभूत सुविधाओं से मजदूरों को वंचित रखना अमानवीय है और इसके लिए फैक्ट्री प्रबंधन जिम्मेदार है।
धरने के दौरान किसान नेता सत्यपाल सिंह जूरैल, नकुल सिकरवार, दीक्षा शर्मा, सुमन सिकरवार, मंजू परमार सहित बड़ी संख्या में श्रमिक और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे। फैक्ट्री श्रमिकों में भरत सिंह सिकरवार, धर्मेंद्र, सुनील सैंगर, जितेंद्र सिंह, दीपक, विष्णु सिकरवार, नरेंद्र, श्रीनिवास, अन्नू, हरपाल सिंह, जयपाल, शिवम सिंह, संजय बघेल, सुभाष कुमार, फिरोज खान, रघुवीर, हरिओम, ओमप्रकाश सहित सैकड़ों मजदूरों ने एकजुट होकर अपना आक्रोश जाहिर किया।
धरने में शामिल श्रमिकों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। अब सभी की निगाहें कल होने वाले जिलाधिकारी कार्यालय के घेराव और प्रशासन की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं।