अल्ट्रासाउंड केंद्र पर फर्जी रिपोर्ट देने का आरोप, डीएम से की गई शिकायत

बहराइच। जरवल क्षेत्र में बिना मान्यता प्राप्त रेडियोलॉजिस्ट के अवैध रूप से संचालित अल्ट्रासाउंड केंद्रों द्वारा फर्जी व भ्रामक रिपोर्ट देने का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि नियमों को ताक पर रखकर इन केंद्रों पर रेडियोलॉजिस्ट की जगह टेक्नीशियन अल्ट्रासाउंड जांच कर रहे हैं, जिससे मरीजों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। इस मामले को लेकर भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के जिलाध्यक्ष ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर जांच व कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
जानकारी के अनुसार जरवल क्षेत्र में एशिया डायग्नोस्टिक सेंटर और लाइफ केयर अल्ट्रासाउंड के नाम से केंद्र संचालित हो रहे हैं। नियमानुसार अल्ट्रासाउंड जांच के समय पंजीकृत रेडियोलॉजिस्ट की मौजूदगी अनिवार्य है, लेकिन आरोप है कि यहां टेक्नीशियन द्वारा जांच कर रिपोर्ट जारी की जा रही है।
पारा परशुरामपुर निवासी सुनील यादव की पत्नी मीरा यादव की 12 जनवरी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जरवल में डिलीवरी हुई थी। डिलीवरी के बाद तबीयत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी। इसके बाद एशिया डायग्नोस्टिक सेंटर में जांच कराई गई। आरोप है कि एक ही अल्ट्रासाउंड की दो अलग-अलग रिपोर्ट दी गईं। प्रारंभिक रिपोर्ट में गर्भाशय में कुछ अवशेष कण बताए गए, जबकि फाइनल रिपोर्ट में बच्चेदानी में सूजन दर्शा दी गई। इस विरोधाभास ने रिपोर्ट की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
भाकियू जिलाध्यक्ष अवधेश सिंह ने जिलाधिकारी को भेजे गए पत्र में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी अल्ट्रासाउंड केंद्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस तरह की लापरवाही से मरीजों की जान को खतरा हो सकता है और आम जनता का स्वास्थ्य व्यवस्था से भरोसा उठ रहा है।
इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी बहराइच डॉ. संजय कुमार से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन वे बैठक में व्यस्त होने के कारण उपलब्ध नहीं हो सके।