रिपोर्ट – विनोद शुक्ला

जरवलरोड, बहराइच। लखनऊ–गोंडा–बहराइच राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित घाघरा घाट का संजय सेतु एक बार फिर बड़े संकट का कारण बनने जा रहा है। एनएच सूत्रों के अनुसार फरवरी माह के दूसरे सप्ताह से पुल पर बड़े पैमाने पर मरम्मत कार्य प्रस्तावित है, जो लगभग दो महीने तक चलेगा। इस दौरान छोटे-बड़े सभी प्रकार के वाहनों का आवागमन पूरी तरह बंद रहेगा। पुल बंद होने से राजधानी लखनऊ से सीधा संपर्क टूट जाएगा, जिससे बहराइच, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती समेत आसपास के जनपदों के करीब 50 हजार से अधिक दैनिक यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
पुल बंद होने की स्थिति में यात्रियों को वैकल्पिक मार्ग के रूप में जरवल रोड से करीब 60 किलोमीटर दूर चहलारी घाट हाईवे या फिर अयोध्या के रास्ते लखनऊ जाना पड़ेगा। इससे न सिर्फ यात्रा का समय बढ़ेगा, बल्कि ईंधन और अन्य खर्च भी ज्यादा होगा। बुद्धिजीवी वर्ग और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि यदि मरम्मत के दौरान पुल पर यातायात बंद करना अनिवार्य है तो सरकार को गोंडा से लखनऊ के बीच मेमो या पैसेंजर ट्रेन का संचालन शुरू करना चाहिए, ताकि मरीजों, हाईकोर्ट जाने वाले वकीलों, व्यापारियों और आम जनता को राहत मिल सके।
स्थिति इसलिए भी गंभीर मानी जा रही है क्योंकि फरवरी–मार्च में गोंडा–बुढ़वल रेल खंड पर तीसरी लाइन से जुड़ा कार्य प्रस्तावित है। इसके चलते कई ट्रेनों का संचालन प्रभावित होगा और अधिकांश ट्रेनों को अयोध्या–बाराबंकी मार्ग से डायवर्ट किया जाएगा। ऐसे में लखनऊ आने-जाने वालों को सड़क और रेल दोनों ही स्तर पर भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
इसी बीच शादी-विवाह का मौसम भी चरम पर है। घाघरा नदी के दोनों किनारों पर रहने वाले कई परिवारों की शादियां पहले से तय हैं। पुल बंद होने की स्थिति में बारात और रिश्तेदारों की आवाजाही बड़ी समस्या बन सकती है। स्थानीय लोगों की मांग है कि जब तक स्थायी समाधान नहीं निकलता, तब तक पूर्व की भांति अस्थायी पीपी पुल बनाकर आवागमन की व्यवस्था की जाए, ताकि वैवाहिक और अन्य जरूरी कार्यक्रम प्रभावित न हों।
मरम्मत कार्य को लेकर इंजीनियरों की टीम द्वारा सर्वे पूरा कर लिया गया है। इसके लिए जिलाधिकारी बहराइच और बाराबंकी को कुछ दिनों के लिए आवागमन रोकने संबंधी पत्र भेजा गया है। अनुमति मिलते ही कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इस संबंध में एनएचआई के सहायक अभियंता अनंत मौर्य ने बताया कि घाघरा घाट संजय सेतु पर रिपेयर कार्य का सर्वे हो चुका है और फरवरी के दूसरे सप्ताह से काम शुरू होने की संभावना है। अनुमति के बाद पुल पर यातायात अस्थायी रूप से रोका जाएगा।
कुल मिलाकर संजय सेतु का बंद होना क्षेत्र के लाखों लोगों के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकता है। अब सबकी नजर प्रशासन और सरकार पर टिकी है कि समय रहते वैकल्पिक व्यवस्था कर आमजन को राहत दी जाती है या नहीं।