
कुशीनगर। चिकित्सा सेवा, ज्ञान, मानवीय संवेदना और समर्पण के क्षेत्र में कुशीनगर जनपद का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन करने वाले ख्यातिप्राप्त चिकित्सक डॉ. संदीप अरुण श्रीवास्तव की उपलब्धियों की श्रृंखला में एक और स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। पड़ोसी राज्य बिहार की राजधानी पटना में आयोजित एसोसिएशन ऑफ फिजिशियंस ऑफ इंडिया (API) के 81वें वार्षिक अधिवेशन 2026 में उन्हें “फेलो ऑफ इंडियन कॉलेज ऑफ फिजिशियंस (FICP)” जैसे अत्यंत प्रतिष्ठित सम्मान से सम्मानित किया गया। यह सम्मान देश-विदेश से आए नामचीन चिकित्सकों, शोधकर्ताओं और विशेषज्ञों की गरिमामयी उपस्थिति में प्रदान किया गया।
एफआईसीपी उपाधि चिकित्सा क्षेत्र के उन चुनिंदा सम्मानों में शामिल है, जो केवल उन्हीं चिकित्सकों को दी जाती है, जिन्होंने चिकित्सा विज्ञान, शोध, शिक्षण और रोगी सेवा में उल्लेखनीय योगदान दिया हो। इस सम्मान के साथ ही डॉ. संदीप अरुण श्रीवास्तव की राष्ट्रीय पहचान और अधिक सशक्त हुई है। इससे पूर्व भी उन्हें इंडियन एसोसिएशन ऑफ क्लिनिकल मेडिसिन के तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में आम रोगियों की निःस्वार्थ सेवा, सुलभ चिकित्सा और क्लिनिकल मेडिसिन में विशेष योगदान के लिए फेलोशिप सम्मान से नवाजा जा चुका है। एक ही वर्ष में दो प्रतिष्ठित राष्ट्रीय फेलोशिप प्राप्त करना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
इस अवसर पर डॉ. संदीप अरुण श्रीवास्तव ने अपनी सफलता का श्रेय अपने गुरुजनों, माता-पिता, परिवार, सहयोगियों और मित्रों को दिया। उन्होंने कहा कि मरीजों का विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी प्रेरणा है, जो उन्हें निरंतर बेहतर चिकित्सा सेवा देने के लिए प्रेरित करता है। एमबीबीएस, एमडी (मेडिसिन) जैसी मजबूत शैक्षणिक पृष्ठभूमि के साथ एफआईसीपी, एफआईएसीएम, एफआईएसएच, सीसीईबीडीएम जैसी प्रतिष्ठित उपाधियों से सुसज्जित डॉ. श्रीवास्तव का मानना है कि चिकित्सा केवल पेशा नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का सर्वोच्च माध्यम है।
डॉ. संदीप अरुण श्रीवास्तव की यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार और सहयोगियों के लिए, बल्कि पूरे कुशीनगर जनपद के लिए गर्व का विषय है। साथ ही यह युवा चिकित्सकों के लिए प्रेरणास्रोत बनकर यह संदेश देती है कि निरंतर परिश्रम, ईमानदारी और सेवा भावना से राष्ट्रीय पहचान हासिल की जा सकती है।