
कुशीनगर। इसरो की चंद्रयान सफलता से प्रेरित होकर कुशीनगर जनपद का पडरौना नगर राष्ट्रीय स्तर पर एक नया इतिहास रचने जा रहा है। पडरौना नगर पालिका परिषद देश की पहली ऐसी नगर पालिका बनने जा रही है, जिसने अंतरिक्ष विज्ञान एवं इनोवेशन प्रयोगशाला की स्थापना की ऐतिहासिक पहल की है। यह कदम न केवल जिले बल्कि पूरे देश के छोटे शहरों के लिए विज्ञान और नवाचार की दिशा में एक नई मिसाल माना जा रहा है।
नगर पालिका परिषद अध्यक्ष विनय जायसवाल की दूरदर्शी सोच और पहल से पडरौना नगर में अंतरिक्ष विज्ञान एवं इनोवेशन प्रयोगशाला का कार्य लगभग अंतिम चरण में पहुंच चुका है। जानकारी के अनुसार प्रयोगशाला की करीब 90 प्रतिशत जमीनी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। भवन का चयन, आधुनिक तकनीकी उपकरणों की खरीद, डिजिटल सेटअप और प्रशिक्षण मॉड्यूल की रूपरेखा तय हो चुकी है। जल्द ही देश के नामी-गिरामी वैज्ञानिकों की मौजूदगी में इसका औपचारिक शुभारंभ किया जाएगा, जो नगर के लिए गर्व का ऐतिहासिक क्षण होगा।
नगर पालिका अध्यक्ष विनय जायसवाल ने कहा कि इसरो की उपलब्धियों ने यह साबित कर दिया है कि भारतीय प्रतिभा किसी से कम नहीं है। इसी सोच के साथ यह निर्णय लिया गया कि कुशीनगर के बच्चों को भी ऐसा मंच मिले, जहां से वे बड़े सपने देख सकें और उन्हें साकार कर सकें। उन्होंने कहा कि पडरौना की यह प्रयोगशाला केवल एक भवन नहीं, बल्कि भविष्य के वैज्ञानिकों की पाठशाला होगी। यहां छात्रों को स्पेस साइंस, रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मॉडल सैटेलाइट निर्माण, थ्री-डी प्रिंटिंग और इनोवेशन से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर काम करने का अवसर मिलेगा, ताकि विज्ञान किताबों तक सीमित न रहकर प्रयोग और अनुभव के रूप में बच्चों तक पहुंचे।
चेयरमैन विनय जायसवाल ने इस पहल का श्रेय देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की विकासोन्मुखी नीतियों को दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में भारत आज अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में विश्व पटल पर नई ऊंचाइयां छू रहा है और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश विकास और नवाचार की नई इबारत लिख रहा है। इसी प्रेरणा को धरातल पर उतारते हुए पडरौना नगर के जूनियर हाई स्कूल में राष्ट्र संत महंथ अवैधनाथ अंतरिक्ष विज्ञान एवं इनोवेशन प्रयोगशाला की स्थापना की जा रही है।
इस पहल को लेकर शिक्षा जगत और स्थानीय नागरिकों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। लोगों का मानना है कि संसाधनों के अभाव में जो प्रतिभाएं अब तक पीछे रह जाती थीं, उन्हें अब अपने ही नगर में महानगरों जैसी वैज्ञानिक सुविधाएं मिलेंगी। यह प्रयोगशाला न सिर्फ कुशीनगर के छात्रों के लिए बल्कि पूरे पूर्वांचल के युवाओं के लिए नई उम्मीद और नई उड़ान का माध्यम बनेगी।