
लखनऊ। संसद में जैसे ही केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026-27 पेश किया, उसकी गूंज सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं रही, बल्कि लखनऊ से लेकर प्रदेश के हर कोने में राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक चर्चाओं का केंद्र बन गई। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सत्ता पक्ष के नेताओं ने इस बजट को नए भारत की आकांक्षाओं और विकसित भारत के संकल्प का सशक्त दस्तावेज बताया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लेकर मंत्रियों और पार्टी पदाधिकारियों तक, सभी ने इसे भविष्य की दिशा तय करने वाला बजट करार दिया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केंद्रीय बजट 2026 पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह बजट आशा और आकांक्षाओं का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इसमें नए भारत और विकसित भारत की संकल्पना की स्पष्ट झलक दिखाई देती है। सीएम योगी के अनुसार यह बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि देश के हर वर्ग के सपनों को साकार करने का माध्यम है। उन्होंने विशेष रूप से आयुष और स्वास्थ्य क्षेत्र पर दिए गए जोर की सराहना की और कहा कि इससे आम नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
मुख्यमंत्री ने महिलाओं से जुड़ी योजनाओं पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जनपद में छात्रावास निर्माण की व्यवस्था महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम है। इससे शिक्षा और रोजगार के लिए घर से बाहर निकलने वाली बेटियों को सुरक्षित वातावरण मिलेगा। सीएम योगी ने कहा कि युवाओं के लिए हर क्षेत्र में अवसर सृजन के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों में सुधारों को शामिल करना इस बजट की बड़ी खासियत है। उनका मानना है कि यह बजट भारत की अर्थव्यवस्था को तेज गति से आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
बजट के दिन लखनऊ स्थित भाजपा प्रदेश मुख्यालय का माहौल भी खासा उत्साहपूर्ण रहा। यहां केंद्रीय बजट 2026-27 का सजीव प्रसारण देखा गया। कार्यक्रम में डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने सहभागिता की और बजट को दूरदर्शी बताते हुए कहा कि यह आमजन के हितों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर बजट का फोकस प्रदेश और देश दोनों के लिए लाभकारी सिद्ध होगा।
भाजपा प्रदेश मुख्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल, क्षेत्रीय अध्यक्ष कमलेश मिश्रा, विधान परिषद सदस्य सुभाष यदुवंश, महेंद्र सिंह सहित कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में बजट की सराहना की और इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश को नई दिशा देने वाला बताया।
राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने केंद्रीय बजट को ‘विकसित भारत’ का मजबूत रोडमैप करार दिया। उन्होंने कहा कि यह बजट भारत को विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में एक अहम कदम है। उनके अनुसार बजट में युवाओं, किसानों, श्रमिकों और उद्यमियों को आत्मनिर्भर बनाने पर विशेष जोर दिया गया है, जो देश की आर्थिक मजबूती का आधार बनेगा। उन्होंने कहा कि जब देश का युवा और किसान मजबूत होगा, तभी भारत वैश्विक मंच पर अपनी पहचान और प्रभाव बढ़ा सकेगा।
सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर ने बजट को राष्ट्र की विकास यात्रा को नई दिशा देने वाला बताया। उन्होंने कहा कि यह मोदी सरकार 3.0 का दूसरा केंद्रीय आम बजट है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनकल्याण की भावना के साथ प्रस्तुत किया गया है। जेपीएस राठौर ने कहा कि सहकारिता, ग्रामीण विकास और रोजगार सृजन से जुड़े प्रावधान देश के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचाएंगे। उन्होंने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को संतुलित और दूरदर्शी बजट प्रस्तुत करने के लिए आभार भी व्यक्त किया।
उत्तर प्रदेश के खेल मंत्री गिरीश चंद्र यादव ने भी बजट 2026 को आत्मनिर्भर भारत के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट सशक्त और समावेशी विकास की दिशा में देश को आगे बढ़ाने वाला है। खेल मंत्री के अनुसार, सरकार की नीतियां अब केवल बुनियादी ढांचे तक सीमित नहीं हैं, बल्कि खेल, युवा प्रतिभा और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों को भी मजबूती दे रही हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत सरकार का यह बजट देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।
राजनीतिक प्रतिक्रियाओं के बीच यह भी साफ नजर आया कि बजट 2026 को उत्तर प्रदेश में केवल एक आर्थिक दस्तावेज के रूप में नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव के साधन के रूप में देखा जा रहा है। महिलाओं के लिए छात्रावास, युवाओं के लिए अवसर, स्वास्थ्य और आयुष पर फोकस, किसानों और श्रमिकों के लिए आत्मनिर्भरता जैसे मुद्दे प्रदेश की बड़ी आबादी से सीधे जुड़े हुए हैं। यही कारण है कि सत्ता पक्ष के नेताओं ने इसे आमजन की उम्मीदों का बजट बताया।
विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर प्रदेश जैसे बड़े और विविधता वाले राज्य के लिए यह बजट कई मायनों में महत्वपूर्ण है। यहां की युवा आबादी, कृषि आधारित अर्थव्यवस्था और तेजी से बढ़ता शहरीकरण ऐसे तत्व हैं, जिन्हें संतुलित नीति की जरूरत है। बजट में इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखने का दावा किया गया है।
कुल मिलाकर, केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर लखनऊ से जो संदेश गया, वह भरोसे और उम्मीद का था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश सरकार के मंत्रियों की प्रतिक्रियाओं से यह स्पष्ट हुआ कि यह बजट केवल वर्तमान जरूरतों को पूरा करने तक सीमित नहीं है, बल्कि आने वाले वर्षों के लिए विकास की दिशा तय करने वाला दस्तावेज है। सत्ता पक्ष का दावा है कि यह बजट नए भारत की नींव को और मजबूत करेगा और विकसित भारत के सपने को साकार करने में मील का पत्थर साबित होगा।