
फतेहाबाद। फतेहाबाद के सती मंदिर पर आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन में भारी जनसैलाब देखा गया। कार्यक्रम का मुख्य विषय सांस्कृतिक जागरण और सामाजिक समरसता रहा। इस अवसर पर संत लोकेशानंद जी महाराज, कथावाचक हेमलता शास्त्री और कई गणमान्य व्यक्तियों ने समाज और संस्कृति के महत्व पर अपने विचार साझा किए।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए आरएसएस के आलोक ने कहा कि अपने पूर्वजों और संस्कृति को भूलने वाला समाज अंततः समाप्त हो जाता है। उन्होंने यह समस्या समाज में देशभक्ति और राष्ट्र के लिए सामूहिक समर्पण की कमी से जोड़ी। आलोक जी ने यह भी जानकारी दी कि संघ के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में देशभर में एक लाख स्थानों पर हिंदू सम्मेलन आयोजित करने का लक्ष्य रखा गया है।
संत रविदास, महर्षि वाल्मीकि, वेदव्यास और डॉ. भीमराव अंबेडकर जैसे महापुरुष समाज के हर वर्ग से थे और आज भी समाज उन्हें पूजता है। उन्होंने कहा कि ऊंच-नीच और जाति-पाति से ऊपर उठकर ही सनातन धर्म और राष्ट्र को मजबूत किया जा सकता है।
संत लोकेशानंद जी महाराज ने अपने संबोधन में कहा कि अब जागने का समय है। उन्होंने बताया कि जब हम अपनी परंपराएं भूल गए, तब उन्हें पुनः अपनाने के लिए ऐसे हिंदू सम्मेलनों की आवश्यकता पड़ी।
कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशांत पौनिया, श्याम भदोरिया, विधायक छोटेलाल वर्मा, जिला महामंत्री शिवकुमार प्रमुख, पूर्व विधायक डॉ. राजेंद्र सिंह, जितेंद्र वर्मा, देवेंद्र त्यागी, सोनू शर्मा, पूर्व चेयरमैन आशा देवी चक, चेयरमैन प्रतिनिधि रवि प्रकाश शल्या, राजेश कुशवाहा, देवेंद्र सिकरवार, श्रीभगवान कसेरे, विजय लवानिया सहित बड़ी संख्या में संत और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।