
भाजपा किसान नेता मोहन सिंह चाहर पर आज एन बी डब्ल्यू (Non-Bailable Warrant) वारंट जारी होने के बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया। मामला 2013 का है, जब ग्वालियर जा रहे कुछ युवाओं को मजिस्ट्रेट चेकिंग में रोक दिया गया था और उनकी परीक्षा छूट गई थी। तत्कालीन सांसद रामशंकर कठेरिया के नेतृत्व में राजामंडी पर ट्रेन रोककर विरोध प्रदर्शन किया गया था। इस दौरान रामशंकर कठेरिया, विधायक योगेंद्र उपाध्याय, मोहन सिंह चाहर समेत कई लोगों के खिलाफ पुलिस ने मुकदमे दर्ज किए थे।
जनवरी में चार तारीखों पर कोर्ट में पेश न होने के कारण कोर्ट नंबर 7, एसीजेएम अनुज कुमार ने मोहन सिंह चाहर के खिलाफ एन बी डब्ल्यू वारंट जारी किया। आज मोहन सिंह चाहर अपने अधिवक्ता अशोक कोटिया और अशोक गुप्ता के साथ कोर्ट में उपस्थित हुए और प्रार्थना पत्र देकर वारंट वापिस करने का निवेदन किया।
कोर्ट ने भाजपा नेता को कस्टडी में लेने का आदेश दिया। मोहन सिंह चाहर को पांच घंटे तक कस्टडी में रखा गया। अधिवक्ताओं की बहस और पेशियों के बाद शाम 4:30 बजे कोर्ट ने वारंट वापस लेते हुए उन्हें रिहा कर दिया।
कोर्ट के बाहर बड़ी संख्या में मोहन सिंह चाहर के समर्थक मौजूद रहे। इस दौरान अधिवक्ता अशोक कोटिया, अशोक गुप्ता, पवन गौतम, कपिल उपाध्याय, पवन बघेल, भाजपा नेता ओमप्रकाश चलनीवाले, गजराज सिंह, मनोज राजौरा, अखिल भारतीय जाट महासभा जिलाध्यक्ष कप्तान सिंह चाहर, महावीर प्रधान, भीष्मपाल सोलंकी, जगमोहन लवानिया सहित कई लोग उपस्थित रहे।