
कुशीनगर। देवों के देव महादेव की आराधना का महापर्व महाशिवरात्रि पूरे जनपद में अद्भुत आस्था, उल्लास और आध्यात्मिक ऊर्जा के साथ मनाया गया। आधी रात से ही शिवालयों के कपाट खुलते ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। “हर-हर महादेव” और “ॐ नमः शिवाय” के गगनभेदी जयघोष से वातावरण शिवमय हो उठा।
पडरौना, कसया, हाटा, खड्डा, तमकुहीराज समेत गांव-गांव के शिव मंदिरों में भोर से ही जलाभिषेक और रुद्राभिषेक का सिलसिला शुरू हो गया। भक्तों ने गंगाजल, दूध, दही, शहद, बेलपत्र और धतूरा अर्पित कर भोलेनाथ से सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। मंदिरों को रंग-बिरंगी झालरों और फूल-मालाओं से भव्य रूप से सजाया गया था।
भक्ति में रमा जनपद
प्रमुख शिवालयों में पूरी रात भजन-कीर्तन और शिव महिमा का गुणगान होता रहा। कई स्थानों पर आकर्षक शिव बारात निकाली गई, जिसमें भगवान शिव, माता पार्वती, गणेश और कार्तिकेय की झांकियों ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। युवाओं और महिलाओं की भागीदारी उल्लेखनीय रही।
🔴 व्रत, तप और जागरण
हजारों श्रद्धालुओं ने निर्जला व्रत रखकर रात्रि जागरण किया। मान्यता है कि महाशिवरात्रि की रात जागकर सच्चे मन से की गई आराधना से भगवान शिव शीघ्र प्रसन्न होते हैं। देर रात तक मंदिरों में मंत्रोच्चार और शंखध्वनि गूंजती रही।
🔴 कुबेरस्थान मंदिर व लमूआ शिव मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब
महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर जिले के प्रसिद्ध शिवधाम कुबेरस्थान मंदिर और लमूआ शिव मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। भोर की पहली किरण के साथ ही “हर-हर महादेव” के जयघोष से पूरा इलाका शिवमय हो उठा। दोनों मंदिरों में तड़के चार बजे से ही जलाभिषेक का क्रम शुरू हो गया। दूर-दराज के गांवों और पड़ोसी जिलों से आए शिवभक्तों ने गंगाजल, दूध, बेलपत्र और धतूरा अर्पित कर भोलेनाथ का विधिवत पूजन किया। मंदिर परिसर फूल-मालाओं और आकर्षक रोशनी से सजे रहे, जिससे आस्था का दिव्य वातावरण बन गया।
🔴 सुरक्षा के रहे पुख्ता इंतजाम
भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए। मंदिर परिसरों में पुलिस बल तैनात रहा और श्रद्धालुओं को व्यवस्थित दर्शन कराए गए।
महाशिवरात्रि का यह पावन पर्व कुशीनगर में आस्था, अनुशासन और आध्यात्मिक चेतना का अनुपम संगम बन गया। शिवभक्ति की इस दिव्य बेला में जनपद का कण-कण “हर-हर महादेव” के जयघोष से गूंज उठा।