आरपीएफ की फुर्ती से 24 घंटे में लौटा 5.56 लाख का सामान, यात्रियों ने जताया आभार

रामनगर (बाराबंकी)। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की तत्परता और सूझबूझ से ट्रेन में गलती से बदले गए लाखों रुपये के सामान को महज 24 घंटे के भीतर सही मालिकों तक पहुंचा दिया गया। इस कार्रवाई की क्षेत्र में व्यापक सराहना हो रही है।मामले के अनुसार 29 अप्रैल 2026 को वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त, आरपीएफ लखनऊ अरुण त्रिपाठी को सूचना मिली कि ट्रेन संख्या 15203 बरौनी-लखनऊ एक्सप्रेस के कोच एस/3, सीट 19 पर यात्रा कर रही महिला यात्री सुप्रिया शबनम, पत्नी मनोज कुमार ठाकुर, निवासी विकास नगर, लखनऊ का लाल बैग बुढ़वल स्टेशन पर बदल गया है। बैग में कीमती जेवरात, नकदी और कपड़े रखे थे।जांच में सामने आया कि उसी कोच में सीट 17, 18 और 20 पर देवरिया से बुढ़वल तक सफर कर रहे सहयात्रियों ने उतरते समय भूलवश सुप्रिया का बैग उतार लिया, जबकि उनका खुद का बैग ट्रेन में छूट गया।सूचना मिलते ही आरपीएफ पोस्ट बुढ़वल और अपराध आसूचना शाखा लखनऊ की संयुक्त टीम गठित की गई। टीम में प्रभारी निरीक्षक रवि कुमार, उपनिरीक्षक जसवीर सिंह, निरीक्षक मुकेश कुमार सिंह और उपनिरीक्षक प्रशांत सिंह यादव शामिल रहे। टीम ने यात्री विवरण के आधार पर सहयात्री का मोबाइल नंबर और पता निकालकर छानबीन शुरू की।जांच के दौरान बैग ओमकार पुत्र लच्छा राम, निवासी ग्राम गोंडा देवरिया, थाना रामपुर मथुरा, जिला सीतापुर के पास मिला। टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर दोनों बैग बरामद कर लिए।सुप्रिया शबनम के बैग में जेवरात, नकदी और अन्य सामान मिलाकर करीब 5 लाख 36 हजार रुपये का सामान था, जबकि ओमकार के बैग की कीमत लगभग 25 हजार रुपये आंकी गई। इस तरह कुल 5 लाख 56 हजार रुपये का सामान सुरक्षित बरामद हुआ।दोनों पक्षों को आरपीएफ पोस्ट बुढ़वल बुलाकर पहचान और पुष्टि के बाद उनके-अपने बैग सौंप दिए गए। अपना सामान सकुशल वापस मिलने पर यात्रियों ने आरपीएफ टीम का आभार जताया।आरपीएफ ने यात्रियों से अपील की है कि ट्रेन से उतरते समय अपने सामान की पहचान अवश्य कर लें। किसी भी प्रकार की समस्या होने पर हेल्पलाइन नंबर 139 या नजदीकी आरपीएफ पोस्ट से तुरंत संपर्क करें। इस त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की रेल प्रशासन द्वारा भी सराहना की गई है।