बीजेपी सरकार पर जमकर बरसे संजय सिंह बोले- मतदाता सूची में गड़बड़ी लोकतंत्र के लिए खतरा

लखनऊ। आम आदमी पार्टी उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने रविवार को मीडिया से बातचीत करते हुए महिलाओं के आरक्षण, मतदाता सूची में भारी गड़बड़ी और केंद्र सरकार की विदेश नीति पर तीखा हमला बोला। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि मौजूदा विधानसभा संरचना में 33 प्रतिशत आरक्षण देना हो तो आम आदमी पार्टी तत्काल समर्थन करेगी, लेकिन सीटों में किसी भी प्रकार का घटाव-बढ़ाव करने से पहले जनगणना अनिवार्य है। बिना जनगणना डीलिमिटेशन करना महिलाओं के साथ सीधा विश्वासघात है।

संजय सिंह ने उत्तर प्रदेश की मतदाता सूची पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश की जनसंख्या में लगभग हर 100 लोगों में 52 पुरुष और 48 महिलाएं हैं, लेकिन मतदाता सूची में पुरुषों की हिस्सेदारी 54.54 से 55 प्रतिशत के बीच और महिलाओं की मात्र 45 से 45.64 प्रतिशत है। उन्होंने सवाल किया कि आखिर यह लगभग ढाई से तीन प्रतिशत महिला मतदाता कहां चली गईं। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या यह अंतर पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग से आने वाली महिलाओं से जुड़ा हुआ है और सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि किन महिलाओं के वोट काटे गए हैं।

महिलाओं की बड़ी संख्या मतदाता सूची से गायब: संजय सिंह

आप सांसद संजय सिंह ने कहा कि जनसंख्या के अनुपात और मतदाता सूची के आंकड़ों के बीच यह अंतर बेहद चिंताजनक है और यह लोकतंत्र के लिए खतरे का संकेत है। यदि महिलाओं की इतनी बड़ी संख्या मतदाता सूची से गायब है, तो यह चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। उन्होंने आशंका जताई कि यह अंतर किसी विशेष वर्ग, खासकर पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग से आने वाली महिलाओं को प्रभावित कर सकता है।

उन्होंने कहा कि कुछ लोग यह भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं कि इससे भारतीय जनता पार्टी का नुकसान हुआ है, जबकि सच्चाई इसके विपरीत है। संजय सिंह ने कहा कि अब जो भी मतदाता संख्या बढ़ेगी, उसका लाभ भारतीय जनता पार्टी को मिलेगा, जबकि विपक्ष को इसका फायदा नहीं होगा।

मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर अंतर को उजागर करते हुए

संजय सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के कर्मचारियों ने दो अलग-अलग सूचियां तैयार कीं। नगर पालिका और नगर निगम के लिए एक सूची तथा ग्राम पंचायत के चुनाव के लिए दूसरी सूची बनाई गई। दिसंबर में जारी सूची में कुल मतदाता 17 करोड़ 2 लाख थे, जबकि जनवरी में विधानसभा की सूची जारी होने पर यह संख्या घटकर 12 करोड़ 55 लाख रह गई। उन्होंने सवाल किया कि साढ़े चार करोड़ मतदाता आखिर कहां गायब हो गए।

सरकार पर हमला तेज करते हुए संजय सिंह ने कहा कि एसआईआर एक बहुत बड़ा चुनावी घोटाला है और इसके तहत बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम काटे गए हैं। उन्होंने कहा कि लखनऊ में ही 22 से 23 प्रतिशत वोट काट दिए गए, यानी हर चौथा मतदाता फर्जी घोषित कर दिया गया। उन्होंने सवाल किया कि क्या यह वास्तव में संभव है।