मथुरा जिले की अड़ींग ग्राम पंचायत में घोटालों की जांच के बीच अब नया विवाद सामने आया है। पंचायत के 12 सदस्यों के त्यागपत्र 19 फरवरी से ब्लॉक कार्यालय में ही दबे होने का आरोप लगाया गया है। वहीं मनरेगा के रोजगार सेवक पर पंचायत सदस्यों को बहला-फुसलाकर वीडियो रिकॉर्ड करने और पंचायत सचिव को हटाने के लिए दबाव बनाने के आरोप भी लगे हैं।
जानकारी के अनुसार अड़ींग ग्राम पंचायत में करीब 39 करोड़ रुपये की परफॉर्मेंस ग्रांट में गड़बड़ियों के आरोप पहले से चर्चा में हैं। पंचायत के 12 सदस्यों ने अपने पद से त्यागपत्र देकर शपथपत्र ब्लॉक कार्यालय में जमा किए थे, लेकिन आरोप है कि एडीओ पंचायत गोवर्धन ने इन्हें 10 दिन से आगे नहीं बढ़ाया है और अभी तक जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) कार्यालय नहीं भेजा गया है।
इधर पंचायत के 14 सदस्यों के मोबाइल नंबर की जगह सरकारी वेबसाइट पर अपना नंबर दर्ज कराने वाले मनरेगा रोजगार सेवक पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। सदस्यों का कहना है कि रोजगार सेवक उन्हें बहला-फुसलाकर वीडियो रिकॉर्ड कर रहा है और पंचायत सचिव के खिलाफ बयान देने के लिए दबाव बना रहा है।
बताया जाता है कि पंचायत में सोलर हाईमास्ट लाइट, सोलर स्टेशन, स्ट्रीट लाइट और आरओ एटीएम जैसे कई कामों में अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। ये काम कथित रूप से चहेती फर्मों को दिए गए और कई उपकरण अब अनुपयोगी हालत में पड़े हैं। इन मामलों की जांच लोकायुक्त स्तर पर लंबित बताई जा रही है।
इसके अलावा श्मशान घाट निर्माण और कंचनपुर में करीब पौने तीन लाख रुपये के बोरवेल घोटाले समेत अन्य मामलों की भी जांच चल रही है। पंचायत सदस्यों का आरोप है कि मनरेगा में पिछले पांच वर्षों के दौरान जॉब कार्ड बनाने और काम देने में भी पक्षपात किया गया और जाति-बिरादरी के आधार पर लोगों को काम दिया गया।
सदस्यों का यह भी कहना है कि 19 से 21 फरवरी के बीच डीपीआरओ को नामित सभी शिकायतें और शपथपत्र ब्लॉक कार्यालय में जानबूझकर रोके गए हैं। उनका आरोप है कि गोवर्धन बीडीओ कार्यालय द्वारा समय लेकर पंचायत सदस्यों पर सामाजिक दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है और सचिव के खिलाफ बयान दिलाने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं।
इस मामले में एडीओ पंचायत गोवर्धन राज बहादुर यादव का कहना है कि 19 फरवरी को ब्लॉक कार्यालय में डीपीआरओ को नामित शपथपत्र स्वीकार कर लिए गए थे और उनकी रिसीविंग भी सदस्यों को दे दी गई थी। उन्होंने कहा कि शपथपत्र उन्हें होली से दो दिन पहले मिले थे और इसके बाद छुट्टियां पड़ गईं। अब मंगलवार को शपथपत्र डीपीआरओ कार्यालय भेज दिए जाएंगे।