
फतेहाबाद। तहसील मुख्यालय पर बृहस्पतिवार को अधिवक्ताओं ने तहसीलदार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए जमकर नारेबाजी की। भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए अधिवक्ताओं ने तहसीलदार कार्यालय में प्रदर्शन किया और न्यायिक कार्य का पूर्ण बहिष्कार किया।
गुरुवार दोपहर फतेहाबाद तहसील के अधिवक्ता एकजुट होकर तहसीलदार कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने ‘तहसीलदार हटाओ’ के नारे लगाए। अधिवक्ताओं का आरोप है कि तहसीलदार कार्यालय में बिना धनराशि दिए कोई भी कार्य नहीं किया जाता। कार्यालय भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुका है, जिससे वादकारियों के साथ-साथ अधिवक्ताओं को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
अधिवक्ताओं ने तहसीलदार को तत्काल हटाने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। अपनी मांगों के समर्थन में अधिवक्ताओं ने बृहस्पतिवार को न्यायिक कार्य का पूर्ण बहिष्कार किया।
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे। प्रमुख रूप से देवेंद्र सिंह गुर्जर एडवोकेट, वीरेन तोमर, जयपाल सिंह यादव, ज्ञानदेव धाकरे, प्रेमसेवक शर्मा, अनिल गुप्ता, महेश पाठक, आशीष गुप्ता, अवधेश माझावर और दिनेश शर्मा शामिल रहे।
वहीं इस संबंध में तहसीलदार बबलेश कुमार ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि एसआईआर के दौरान वह न्यायालय में नहीं बैठ सके हैं और लगाए गए आरोप तथ्यहीन हैं।