
आगरा। ग्रेटर आगरा परियोजना के तहत विकसित की जा रही टाउनशिप के शिलान्यास कार्यक्रम से पहले मुआवजे को लेकर किसानों का विरोध सामने आया। हालांकि प्रशासन के हस्तक्षेप और आश्वासन के बाद किसानों ने अपना धरना समाप्त कर दिया। यह प्रदर्शन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रस्तावित दौरे से पहले किया गया था।
भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के युवा विंग के मंडल अध्यक्ष विपिन यादव के नेतृत्व में दर्जनों गांवों के किसान मनोहरपुर गांव के पास एकत्र हुए। किसानों का आरोप था कि उनकी समस्याओं को सुनने के लिए कोई भी जिम्मेदार अधिकारी बैठक में नहीं पहुंचा, जिसके चलते बैठक धरने में बदल गई।
किसान नेता विपिन यादव ने चेतावनी दी थी कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने यहां तक कहा कि जरूरत पड़ी तो मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर रोकने का प्रयास किया जाएगा। वहीं जिला अध्यक्ष राजवीर लवानिया ने स्पष्ट कहा कि जब तक उचित मुआवजा नहीं मिलेगा, किसान जमीन पर कब्जा नहीं देने देंगे।
मनोज शर्मा ने भी किसानों के समर्थन में कहा कि किसानों के साथ अन्याय किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यदि ऐसा हुआ तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
धरने की सूचना मिलते ही प्रशासन मौके पर पहुंचा। उप जिलाधिकारी सुमित सिंह, एसीपी देवेश कुमार और नायब तहसीलदार हरि लाल चौधरी ने किसानों से बातचीत की और जिलाधिकारी से वार्ता कराई। अधिकारियों ने दो दिन बाद बैठक कर समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया।
प्रशासन के आश्वासन के बाद किसानों ने धरना समाप्त कर दिया और फिलहाल शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने पर सहमति जताई। धरने में सौरभ यादव, पंकज कुमार, श्यामवीर यादव, राजकुमार, अशोक कुमार, भूप सिंह, राजकुमार पंडित, बहादुर सिंह, ज्ञानप्रसाद, देवेंद्र कुमार, पंकज शर्मा, श्याम कुमार, रवि तोमर और आशीष सहित कई किसान मौजूद रहे।