
हरदोई। अमर भारती में प्रकाशित खबर “गर्रा नदी उफान पर, तटवर्ती गांवों में दहशत, प्रशासन मौन” का बड़ा असर हुआ है। खबर प्रकाशित होने के तुरंत बाद प्रशासन हरकत में आया और डीएम व एसपी ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर हालात का जायजा लिया।
गौरतलब है कि लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से गर्रा नदी उफान पर है। जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी ने वासितनगर, उमरिया धानी, कालागाडा, वारी, गनुआपुर, सिंगुलापुर, गुजीदेई, परेली, खजुहाई, कहारकोला, अतर्जी, गुटकामऊ, बैजूपुर समेत दर्जनों तटवर्ती गांवों को खतरे में डाल दिया है।
नदी का पानी खेतों में घुस चुका है, जिससे धान की हजारों बीघा फसल बर्बाद होने की आशंका जताई जा रही है। किसान चिंतित हैं कि अगर पानी इसी तरह बढ़ता रहा तो खरीफ की पूरी पैदावार चौपट हो जाएगी। वहीं, निचले इलाकों के ग्रामीण अपने परिवारों और मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कोशिश में जुटे हैं। कटान और जलभराव से मकानों के गिरने का खतरा भी मंडरा रहा है।
ग्रामीणों ने शिकायत की थी कि अब तक प्रशासन की ओर से न तो राहत शिविर बनाए गए और न ही कटान रोकने के ठोस प्रयास किए गए हैं। लोगों ने शासन-प्रशासन से तत्काल मदद, राहत सामग्री और बचाव दल भेजने की गुहार लगाई थी।
अमर भारती की खबर के बाद डीएम-एसपी के सक्रिय होने से अब ग्रामीणों को उम्मीद है कि राहत और बचाव कार्य तेज़ी से शुरू होंगे।