
बॉलीवुड के महानायक Amitabh Bachchan ने एक बार फिर अयोध्या में बड़ी रियल एस्टेट डील की है। इस बार उन्होंने करीब 2.67 एकड़ यानी 4.27 बीघा जमीन लगभग 35 करोड़ रुपए में खरीदी है। यह जमीन मुंबई स्थित रियल एस्टेट कंपनी The House of Abhinandan Lodha से खरीदी गई है।
कंपनी के अनुसार इस जमीन की रजिस्ट्री शुक्रवार को पूरी हुई। यह जमीन 75 एकड़ में विकसित हो रहे लग्जरी प्रोजेक्ट ‘द सरयू’ के पास स्थित है और यहां से Ram Mandir Ayodhya की दूरी लगभग 15 से 20 मिनट बताई जा रही है। डील की प्रक्रिया AB कॉर्प लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर राजेश यादव के माध्यम से पूरी की गई। अयोध्या में अमिताभ बच्चन का यह तीसरा और कंपनी के साथ चौथा निवेश माना जा रहा है।
इससे पहले जनवरी 2024 में अमिताभ बच्चन ने तिहुरा मांझा इलाके के पास करीब 2 बीघा यानी लगभग 5,069 वर्ग मीटर जमीन खरीदी थी। उस समय इस जमीन की कीमत करीब 86 लाख रुपए बताई गई थी। यह जमीन उन्होंने अपने पिता Harivansh Rai Bachchan के मेमोरियल ट्रस्ट के नाम पर ली थी।
इसके अलावा 2024 में उन्होंने ‘द सरयू’ प्रोजेक्ट में लगभग 10,000 स्क्वॉयर फीट का प्लॉट करीब 14.5 करोड़ रुपए में खरीदा था। इसके बाद मई 2025 में सरयू के पास करीब 25,000 स्क्वॉयर फीट का एक और प्लॉट लगभग 40 करोड़ रुपए में लिया था और वे इस प्रोजेक्ट के पहले नागरिक यानी फर्स्ट सिटिजन भी बने थे।
9 फरवरी 2024 को अमिताभ बच्चन अयोध्या पहुंचे थे और उन्होंने रामलला के दर्शन किए थे। उस समय उन्होंने कहा था कि अब उनका अयोध्या आना-जाना लगा रहेगा।
‘द सरयू’ प्रोजेक्ट सरयू नदी के किनारे लगभग 75 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट को Abhinandan Lodha की कंपनी ‘द हाउस ऑफ अभिनंदन लोढ़ा’ विकसित कर रही है, जो देश में प्लॉटेड डेवलपमेंट और लैंड प्रोजेक्ट्स के लिए जानी जाती है। अभिनंदन लोढ़ा रियल एस्टेट कारोबारी Mangal Prabhat Lodha के बेटे हैं।
इस लग्जरी प्रोजेक्ट में भारत का पहला पूरी तरह शाकाहारी 5-स्टार होटल भी बनाया जा रहा है, जिसका संचालन होटल चेन The Leela Palaces, Hotels and Resorts द्वारा किया जाएगा।
राम मंदिर निर्माण के बाद अयोध्या में रियल एस्टेट और पर्यटन तेजी से बढ़ रहा है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक मंदिर निर्माण से पहले यहां हर साल करीब 5.75 करोड़ श्रद्धालु आते थे, जबकि जनवरी से जून 2025 के बीच यह संख्या बढ़कर लगभग 23 करोड़ तक पहुंच गई। अनुमान है कि 2026 के अंत तक अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 50 करोड़ से भी ज्यादा हो सकती है।
पिछले कुछ वर्षों में अयोध्या में सड़कों, रेलवे, एयरपोर्ट और शहरी विकास परियोजनाओं पर 85 हजार करोड़ रुपए से अधिक खर्च किए गए हैं। यही वजह है कि अयोध्या अब सिर्फ धार्मिक नगरी ही नहीं बल्कि देश के प्रमुख रियल एस्टेट निवेश केंद्रों में भी शामिल होती जा रही है।