
बहराइच। जिले में भेड़ियों के बढ़ते आतंक के बीच वन विभाग को बड़ी सफलता हाथ लगी है। मां के बगल में सो रही एक साल की मासूम बच्ची को उठाकर ले जाने वाले आदमखोर भेड़िए को वन विभाग की विशेष टीम ने मुठभेड़ में मार गिराया। घटना के करीब 13 घंटे बाद भेड़िए की मूवमेंट ट्रैक कर उस पर सटीक गोली चलाई गई।
यह दर्दनाक घटना कैसरगंज थाना क्षेत्र के ग्राम गोडहिया नंबर-4 के मजरा जरूवा की है। देर रात दबे पांव आए भेड़िए ने घर के बरामदे में मां के साथ सो रही मासूम पर हमला किया और उसे जबड़े में दबाकर गन्ने के खेतों की ओर भाग गया। बच्ची की चीख सुनते ही मां की नींद खुल गई और वह शोर मचाते हुए पीछे दौड़ी, लेकिन घने खेतों में भेड़िया ओझल हो गया।

घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर खेतों की ओर दौड़े और रात करीब तीन बजे से बच्ची की तलाश शुरू की गई। सुबह करीब डेढ़ किलोमीटर दूर गन्ने के खेत के किनारे मानव शरीर के अवशेष मिलने से सनसनी फैल गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने अवशेषों को कब्जे में लेकर जांच के लिए भेज दिया।

प्रभागीय वनाधिकारी राम सिंह ने बताया कि मौके से कुछ हड्डियां बरामद हुई हैं, जिनकी पहचान कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी। उन्होंने बताया कि वन विभाग की विशेष टीम लगातार भेड़िए की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थी और दोपहर बाद उसे ट्रैक कर ढेर कर दिया गया।
गौरतलब है कि बीते दो महीनों में बहराइच जिले में भेड़ियों के हमलों में आठ बच्चों समेत दस लोगों की मौत हो चुकी है। हालात की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर वन विभाग ने शूटरों की तैनाती की थी। इस अभियान में अब तक चार भेड़ियों को मार गिराया जा चुका था, जबकि शनिवार को मारा गया यह पांचवां आदमखोर भेड़िया बताया जा रहा है।
भेड़िए के मारे जाने से क्षेत्र के लोगों ने कुछ राहत की सांस ली है। हालांकि वन विभाग और पुलिस ने इलाके में सतर्कता और बढ़ा दी है। ग्रामीणों से अपील की गई है कि रात में बच्चों को खुले में न सुलाएं और पूरी सावधानी बरतें।