बैनई पैंठ बनेगी किसान हुंकार का मैदान

एत्मादपुर। बैनई पैंठ एक बार फिर किसान आंदोलन की बड़ी गवाह बनने जा रही है। भारतीय किसान यूनियन भानु की मासिक बैठक बैनई पैंठ में सम्पन्न हुई, जिसमें सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि आगामी 8 फरवरी को सुबह 11 बजे से किसान महापंचायत का आयोजन किया जाएगा। इस महापंचायत को भाकियू भानु के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर भानु प्रताप सिंह संबोधित करेंगे। संगठन का दावा है कि इस दौरान हजारों किसान बैनई पैंठ में जुटेंगे और अपनी आवाज बुलंद करेंगे।
बैठक में भारतीय किसान यूनियन भानु के राष्ट्रीय प्रमुख प्रवक्ता बच्चू सिंह चौहान ने ऐलान किया कि 8 फरवरी को दोपहर 2 बजे बैनई पैंठ स्थित रस्तोगी कोल्ड स्टोरेज का ताला तोड़कर उसके परिसर में अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि संगठन को यह कदम किसानों की उपेक्षा और गंभीर समस्याओं के समाधान न होने के कारण उठाना पड़ रहा है।
किसान नेताओं ने बताया कि आंदोलन का प्रमुख मुद्दा बृजेश चौधरी के इकलौते पुत्र विनय चौधरी के अपहरण और हत्या के आरोपी मनोज गोयल के खिलाफ अब तक मुकदमा दर्ज न होना है। इसके अलावा बिजली विभाग के कथित मनमाने रवैये, किसानों के शोषण और अन्य ज्वलंत समस्याओं को लेकर भी आंदोलन किया जाएगा।
बैठक में पुलिस प्रशासन पर भी सवाल उठाए गए। किसान नेताओं ने मांग की कि एसीपी एत्मादपुर देवेश कुमार सिंह को तत्काल यहां से हटाया जाए। संगठन का आरोप है कि एसीपी का व्यवहार अभद्र है और उनकी भाषा अक्सर बेतुकी व भड़काऊ रहती है, जिससे किसानों में आक्रोश बढ़ रहा है।
बैठक में मौजूद सभी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और किसानों ने एक स्वर में महापंचायत को ऐतिहासिक बनाने का संकल्प लिया। किसानों ने कहा कि यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
बैठक में प्रमुख रूप से राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता बच्चू सिंह चौहान, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष महाराज सिंह चौहान, राष्ट्रीय महासचिव रमेश बाबू चौहान, राष्ट्रीय संगठन मंत्री गजेन्द्र सिंह सिसौदिया, राष्ट्रीय संगठन मंत्री बृजेश चौधरी, अंबे हॉस्पिटल के चेयरमैन डॉ. महेश चौधरी, एससी-एसटी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष राजकपूर दलित, तहसील अध्यक्ष देवेन्द्र सिंह चौधरी, सोनू चौधरी, मोनू चौधरी, भानु प्रकाश चौहान, गुरुवेंद्र चौहान, श्याम वीर, जिला मीडिया प्रभारी विष्णु बघेल, राज ठाकुर, धर्मपाल सिंह, चौ. चरण सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।