
रिपोर्ट: रजत गुप्ता
जसवंतनगर/इटावा। बलरई से जसवंतनगर को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर सिल्ट और धूल का संकट गहराता जा रहा है। बम्बा और नहर की सफाई के दौरान निकाली गई भारी मात्रा में सिल्ट को विभागीय लापरवाही के चलते सड़क किनारे ही डाल दिया गया। नहर विभाग के अधिकारी जेसीबी और पोकलेन मशीनों की मदद से इस सिल्ट को ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और डंफरों में भरकर परिवहन करवा रहे हैं, लेकिन प्रक्रिया के दौरान सड़क पर बिखर रही सिल्ट और तेज रफ्तार से गुजर रहे वाहनों से उड़ने वाली धूल ने राह चलना मुश्किल कर दिया है।
भोगनीपुर गंग नहर पुल की चौड़ाई कम होने के कारण दोनों तरफ सिल्ट लदे डंफरों और ट्रैक्टर ट्रॉली के चलते कई घंटे तक जाम लग जाता है। इससे स्कूली बच्चे स्कूल पहुंचने और छुट्टी के बाद घर लौटने में देर हो रही है। कुछ बच्चों की आंखों में उड़ रही सिल्ट से एलर्जी भी हो गई है। परिजन बताते हैं कि सुबह कपड़े पहनकर जाने पर शाम तक पूरे कपड़े धूल और मिट्टी में सने हुए लौटते हैं।
इस मार्ग से रोजाना सैकड़ों यात्री और स्कूली बच्चे गुजरते हैं। उड़ती धूल से खासकर छोटे बच्चे और सांस रोगी गंभीर दिक्कतों का सामना कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि धूल के बीच सांस लेना तो दूर, आंखें खुली रखना भी मुश्किल हो गया है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ठेकेदार मानकों के विपरीत कार्य कर रहे हैं। केवल सिल्ट ही नहीं, बल्कि पटरी की मिट्टी तक खोदकर ले जा रहे हैं, जिससे सड़क और नहर बम्बे की पटरी कमजोर हो रही है। इसके बावजूद नहर विभाग और खनन विभाग इस अवैध गतिविधि पर आंख मूंदे बैठे हैं।
स्थानीय निवासियों ने कहा कि उड़ती धूल और फैलते प्रदूषण से स्कूली बच्चों की सेहत पर पड़ने वाले असर की जिम्मेदारी आखिर कौन लेगा। उन्होंने तत्काल कार्रवाई की मांग की और चेतावनी दी कि यदि स्थिति नहीं सुधरी तो आंदोलन किया जाएगा।
इस संबंध में लोकनिर्माण विभाग के एई शिशुपाल सिंह ने बताया कि संबंधित विभाग के लिए पत्र जारी किया जा रहा है। यात्रियों और स्कूली बच्चों की यात्रा सुगम बनाने के लिए सड़क से सिल्ट हटवाकर साफ-सफाई कराई जाएगी।