शिक्षा विभाग में बड़ा गड़बड़झाला, छात्रों को नहीं आती क, ख, ग, शिक्षकों की लापरवाही से बच्चों का भविष्य दांव पर

पचपेड़वा, बलरामपुर। स्थानीय शिक्षा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय ठुढ़वलिया में शिक्षा व्यवस्था की गंभीर पोल खुलती नजर आई है। विद्यालय में कुल 103 छात्र पंजीकृत हैं, लेकिन निरीक्षण के दौरान मात्र 22 बच्चे ही उपस्थित पाए गए। बच्चों के भविष्य को संवारने के लिए यहां तीन शिक्षकों की तैनाती है, जिनमें पुनिधर पांडे (इंचार्ज/सहायक अध्यापक), लक्ष्मी प्रकाश (सहायक अध्यापक) और अनुराग सिंह शामिल हैं। मौके पर केवल दो शिक्षक ही उपस्थित मिले, जबकि शिक्षा के प्रति किसी भी तरह की गंभीरता दिखाई नहीं दी।
सरकार द्वारा बच्चों को निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध कराई जाती हैं, लेकिन विद्यालय परिसर में सैकड़ों किताबें जमीन पर पड़ी मिलीं, जो नमी और सीलन के कारण खराब हो रही हैं। सवाल यह उठता है कि जब पुस्तकें उपलब्ध थीं तो पंजीकृत बच्चों को अब तक वितरित क्यों नहीं की गईं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय पर वितरण हुआ होता तो किताबें इस तरह जमीन पर नहीं पड़ी होतीं।
मध्यान्ह भोजन व्यवस्था भी सवालों के घेरे में नजर आई। कक्षा तीन के छात्र नीरज ने बताया कि उसे तरकारी-भात मिला, जबकि दूसरे छात्र अंकुश ने दाल-भात-सब्जी खाने की बात कही। एक ही विद्यालय में अलग-अलग भोजन परोसे जाने की बात सामने आई। छात्र दीपक और छात्रा नंदनी ने बताया कि वर्षों पहले एक बार दूध मिला था, उसके बाद कभी दूध नहीं दिया गया।
20 जनवरी 2026, सोमवार को शिक्षक पुनिधर पांडे द्वारा दी गई उपस्थिति जानकारी के अनुसार कुल 62 बच्चों की अटेंडेंस दर्ज की गई, जबकि मौके पर केवल 22 बच्चे ही मौजूद पाए गए, जिनमें से करीब चार बच्चे पांच वर्ष से कम आयु के थे। जब शिक्षकों से शेष बच्चों के भोजन के संबंध में सवाल किया गया तो संतोषजनक जवाब नहीं मिला और टालमटोल की गई।
रसोई भवन की स्थिति भी बेहद खराब पाई गई। जहां बच्चे हाथ धोते हैं वहां गंदगी का अंबार लगा है और पानी की टोटी तक गायब है। शिक्षा के स्तर की बात करें तो बच्चों से एप्पल, बनाना, अंब्रेला जैसे सामान्य शब्दों के अर्थ पूछे गए, लेकिन अधिकतर बच्चों के जवाब शून्य रहे।
इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी (वीईओ) घनश्याम वर्मा ने बताया कि शिक्षक अनुराग सिंह के अवकाश की कोई जानकारी नहीं है। अन्य मामलों की जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी।