
बाराबंकी, 13 फरवरी। राजधानी लखनऊ से सटे बाराबंकी जिले के सफदरगंज थाना क्षेत्र में शुक्रवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की एक विशेष टीम ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज यादव को हिरासत में ले लिया।
जानकारी के अनुसार एसटीएफ की टीम ने मनोज यादव को उस वक्त पकड़ा जब वे अपने कुछ सहयोगियों के साथ सफदरगंज इलाके से गुजर रहे थे। गिरफ्तारी के तुरंत बाद टीम उन्हें बड़ागांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गई, जहां उनका अनिवार्य मेडिकल परीक्षण कराया गया। इसके बाद कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच एसटीएफ टीम उन्हें अपने साथ लेकर लखनऊ के लिए रवाना हो गई।
मनोज यादव की गिरफ्तारी से सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है। बताया जा रहा है कि वे पिछले दो दिनों से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता थे। उनकी पत्नी ने गोमती नगर विस्तार थाना में गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। समाजवादी पार्टी के भीतर भी पिछले 48 घंटों से उनकी लोकेशन को लेकर चिंता बनी हुई थी। बाराबंकी सीमा में हुई इस कार्रवाई के बाद पूरे घटनाक्रम से पर्दा उठता नजर आया।
हालांकि एसटीएफ की ओर से अभी तक गिरफ्तारी के कारणों को लेकर आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि किसी पुराने मामले या गंभीर इनपुट के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। स्थानीय पुलिस भी इस मामले में खुलकर कुछ नहीं कह रही है और पूरी कार्रवाई लखनऊ एसटीएफ के नेतृत्व में ही की गई।
थाना प्रभारी अमर कुमार चौरसिया ने बताया कि संबंधित नेता के खिलाफ थाने में एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज है। इसी मामले में एसटीएफ टीम ने उन्हें हिरासत में लिया है। गिरफ्तारी की खबर फैलते ही सपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों में सुगबुगाहट तेज हो गई है और आगे की कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं।