
फतेहपुर-बाराबंकी। तहसील क्षेत्र में भ्रष्टाचार की गहरी जड़ें अब शिक्षा विभाग तक फैल चुकी हैं। प्राथमिक विद्यालय गौरा सैलख में स्कूल निर्माण के लिए आवंटित 25 लाख रुपए के गबन का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इसमें स्कूल के प्रधानाचार्य विद्यासागर पर हेराफेरी का गंभीर आरोप लगा है।
एसएमसी (स्कूल प्रबंध समिति) अध्यक्ष रामू और सदस्यों ने आरोप लगाया कि स्कूल भवन निर्माण के लिए आई सरकारी राशि को प्रधानाचार्य ने ठेकेदार व निर्माण कंपनियों के खातों में स्थानांतरित कर निजी फायदे के लिए दुरुपयोग किया।
ग्रामीणों ने किया खुलासा, शुरू हुआ प्रदर्शन
ग्रामीणों के अनुसार जब इस मामले की गहराई से पड़ताल की गई तो पता चला कि बैंक से आवंटित पूरी राशि निकालकर गोलमाल कर दी गई है। इस खुलासे के बाद एसएमसी अध्यक्ष और सदस्यों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
शिक्षा विभाग हरकत में, जांच कमेटी गठित
सूचना पर मौके पर पहुंची एबीएसए आराधना अवस्थी ने प्रस्ताव रजिस्टर और कमेटी रजिस्टर अपने कब्जे में लेकर ग्रामीणों की शिकायतें सुनीं। उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक कमेटी गठित की जाएगी और आरोप सही पाए जाने पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों का कहना है कि भ्रष्टाचार के कारण बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। शिक्षा का मंदिर कहलाने वाले स्कूल में इस तरह का मामला सामने आना क्षेत्र की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।