बटुक भैरव मंदिर में लच्छू महाराज बैले फाउंडेशन का घुंघरू पूजन

लखनऊ, 31 अगस्त। भाद्रपद माह के अंतिम रविवार को लखनऊ स्थित बटुक भैरव मंदिर परिसर में लच्छू महाराज बैले फाउंडेशन की ओर से आयोजित घुंघरू पूजन का भावपूर्ण और सांस्कृतिक आयोजन संपन्न हुआ। इस अवसर पर मंदिर में मेले जैसा माहौल देखने को मिला, जहां भक्तों और कला प्रेमियों ने एक साथ गुरु परंपरा और नृत्य कला की गरिमा को नमन किया।

कार्यक्रम की शुरुआत लच्छू महाराज की परंपरा को स्मरण करते हुए हुई। श्रृंगारमणि कुमकुम आदर्श के शिष्यों अंजुल बाजपेई, पीयूष पांडेय, एकता मिश्रा और अविनाश ने अपनी मनमोहक नृत्य प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया। इन प्रस्तुतियों ने न केवल कला की भव्यता को दर्शाया बल्कि गुरु परंपरा और नृत्य साधना की गहराई को भी उजागर किया। कलाकारों ने घुंघरू पूजन कर इसे गुरु-शिष्य परंपरा और कला साधना को समर्पित करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

आयोजन में विशेष रूप से कुमकुम आदर्श की पुत्री पूरवी कुमार, पं. शंभू महाराज की सुपुत्री मुन्‍नी मिश्रा और मंदिर के महंत जी की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भी गरिमामय बना दिया। यह परंपरा कुमकुम आदर्श द्वारा वर्षों से निभाई जाती रही है और अब इसे उनके शिष्य और परिवारजन आगे भी निरंतर जारी रखेंगे।

कार्यक्रम के दौरान वातावरण में भक्ति, संगीत और नृत्य का अद्भुत संगम देखने को मिला। मंदिर प्रांगण में उपस्थित भक्तों और कला प्रेमियों ने कलाकारों की प्रस्तुतियों का उत्साहपूर्वक स्वागत किया। घुंघरू पूजन के इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि भारतीय शास्त्रीय नृत्य केवल कला नहीं बल्कि गुरु परंपरा, भक्ति और संस्कृति की जीवंत धरोहर है, जिसे संजोकर आगे बढ़ाना आवश्यक है।