भारत को हिन्दू राष्ट्र बनाना है : सत्यमित्रानंद जी, विराट हिन्दू सम्मेलन में गूंजे राष्ट्रहित के नारे

जैतपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सौ वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर गुरुवार को जैतपुर के रामलीला मैदान में विराट हिन्दू सम्मेलन का भव्य एवं ऐतिहासिक आयोजन किया गया। सम्मेलन में राष्ट्रहित और सनातन संस्कृति के समर्थन में गगनभेदी नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। कार्यक्रम का शुभारंभ उपस्थित अतिथियों द्वारा गौ पूजन के साथ किया गया।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए धर्म जागरण प्रांत प्रमुख विशाल जी ने कहा कि भारतीय संस्कृति ने सदैव सबको स्वीकार किया है। उन्होंने कहा कि मुगलों ने इस देश को तोड़ने का कार्य किया, केवल शासन ही नहीं किया बल्कि यहां की सभ्यता, संस्कृति, गुरुकुलों और बहन-बेटियों के सम्मान को भी आघात पहुंचाया। उन्होंने कहा कि हिन्दू समाज किसी एक लकीर का फकीर नहीं है, बल्कि समय-समय पर आवश्यकता के अनुसार विचार मंथन कर समाज को नई दिशा देता है।
मथुरा से पधारे महामंडलेश्वर श्री कृष्णानंद जी महाराज ने कहा कि हिन्दुओं और भारत का कल्याण ही उनका उद्देश्य है। उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा विश्व स्तर पर सनातन के सम्मान को बढ़ाने की बात कही और कहा कि सनातन को कमजोर करने के लिए बड़ी साजिशें रची जा रही हैं। हिन्दुओं को आतंकी कहे जाने पर उन्होंने कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि हिन्दू कभी आतंकवादी नहीं हो सकता।
सम्मेलन में क्रांतिकारी संत श्री श्री लक्ष्मी पीठाधीश्वर सत्यमित्रानंद जी महाराज ने कहा कि भारत वीरों और संतों की भूमि है। उन्होंने कहा कि यदि जिन्ना नहीं होता तो देश का विभाजन नहीं होता। उन्होंने भगवान श्रीराम के भव्य और दिव्य मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा को हिन्दुओं के लिए गर्व का विषय बताया और कहा कि अब समय आ गया है कि भारत को हिन्दू राष्ट्र बनाया जाए। वहीं उमाकांत जी महाराज ने हिन्दू समाज से संगठित रहने की अपील की।
हिन्दू सम्मेलन की अध्यक्षता श्री श्री 1008 रामदास त्यागी (धाधू बाबा) ने की, जबकि संचालन विमलेश जैन, कुलदीप भदौरिया एवं अनुज बौहरे द्वारा किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, संत-महात्मा एवं हिन्दू संगठन के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।