
झांसी: खेलों की धरती बुंदेलखंड ने एक और नायाब रत्न देश को दिया है। बीसीसीआई द्वारा मंगलवार को घोषित 2025 महिला क्रिकेट विश्वकप टीम में मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले के धुवारा गांव की 21 वर्षीय तेज़ गेंदबाज़ क्रांति गौड़ का चयन हुआ है। इससे पहले झांसी की गायत्री अग्रवाल पहली महिला खिलाड़ी थीं जिन्होंने भारतीय महिला क्रिकेट के विश्वकप कैंप में जगह बनाई थी।
क्रांति गौड़ ने हाल ही में इंग्लैंड सीरीज़ के आखिरी वनडे में 6 विकेट लेकर सबसे कम उम्र की गेंदबाज़ के रूप में रिकॉर्ड बनाया। उनके इसी शानदार प्रदर्शन का तोहफा उन्हें भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेज़बानी में होने वाले वनडे विश्वकप की टीम में चयन के रूप में मिला है।
क्रांति ने अपने संघर्ष और मेहनत से यह मुकाम हासिल किया है। उन्होंने बताया कि शुरुआत में वे टीम इंडिया की दौड़ में नहीं थीं, लेकिन कड़ी मेहनत और निरंतर प्रदर्शन से उन्होंने कोचों को प्रभावित किया और जगह बनाई। झूलन गोस्वामी को अपना आदर्श मानने वाली क्रांति अपनी इनस्विंगर, स्लोवर और यॉर्कर गेंदों से विपक्षी बल्लेबाज़ों को चकमा देने के लिए जानी जाती हैं।
इंग्लैंड सीरीज़ में कप्तान हरमनप्रीत कौर ने क्रांति के प्रदर्शन की सराहना करते हुए उन्हें प्रोत्साहन दिया और अपनी ट्रॉफ़ी उन्हें समर्पित की। इससे पहले क्रांति ने सीनियर महिला एकदिवसीय टूर्नामेंट के फाइनल में ऋचा घोष जैसे बल्लेबाज़ को आउट कर सुर्खियां बटोरी थीं और WPL में मेग लानिंग को आउट कर बड़े मंच पर अपनी दस्तक दी थी।
क्रांति गौड़ के विश्वकप टीम में शामिल होने से पूरे बुंदेलखंड में खुशी की लहर दौड़ गई है और सोशल मीडिया पर उन्हें बधाइयों का तांता लग गया है।