यूपी में कानून व्यवस्था चुनाव का मुद्दा बनी, विकास की पहली शर्त सुरक्षा: सीएम योगी

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लोकतंत्र में पहली बार ऐसा हुआ है जब कानून व्यवस्था चुनाव का मुद्दा बनी है। उन्होंने कहा कि आज़ादी के बाद पहली बार किसी सरकार ने अपना पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा करने के बाद फिर से जनता का विश्वास जीतकर सत्ता में वापसी की है, जो सरकार के प्रयासों का परिणाम है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से 2022 के बीच उत्तर प्रदेश पुलिस ने जो परिणाम दिखाए हैं, वे अविस्मरणीय हैं। उन्होंने कहा कि एक समय प्रदेश को अराजक, बिगड़ा हुआ, दंगाग्रस्त और कर्फ्यूग्रस्त राज्य के रूप में देखा जाता था, लेकिन अब उसे सुरक्षित उत्तर प्रदेश के रूप में स्थापित किया गया है।
सीएम योगी ने कहा कि विकास की पहली शर्त सुरक्षा होती है। जब व्यक्ति खुद सुरक्षित महसूस नहीं करेगा तो उसकी पूंजी और परिवार भी सुरक्षित नहीं रह सकते। उत्तर प्रदेश पुलिस ने इस सोच को साकार करके दिखाया है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश भारत की आत्मा है और इस आत्मा को संजोने और संवारने के लिए सरकार हर वह कदम उठाएगी जिसकी जरूरत होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में प्रदेश में समग्र परिवर्तन और सकारात्मक धारणा बनी है। इसके लिए कई महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं, क्योंकि बिना सुधार के परिवर्तन संभव नहीं है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 में यूपी पुलिस के पास पीआरवी (पुलिस रिस्पॉन्स व्हीकल) के लगभग 9500 वाहन थे, जो अब बढ़कर 15,500 से अधिक हो गए हैं। इसी तरह वर्ष 2017 में पुलिस के पास करीब 3000 दोपहिया वाहन थे, जिनकी संख्या अब 9200 से ज्यादा हो गई है।
सीएम योगी ने कहा कि यह केवल संख्या में बढ़ोतरी नहीं है, बल्कि इससे पुलिस के रिस्पॉन्स टाइम को न्यूनतम करने में बड़ी सफलता मिली है। आपातकालीन स्थिति में जितनी तेजी से कार्रवाई होती है, उतना ही लोगों का भरोसा बढ़ता है और यही भरोसा आगे चलकर परिवर्तन की मजबूत नींव बनता है।