दसलक्षण महापर्व पर धार्मिक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का हुआ आयोजन

फतेहपुर-बाराबंकी। नगर क्षेत्र के दिगंबर जैन मंदिर में दसलक्षण महापर्व के नौवें दिन सुबह आकिंचन्य धर्म अभिषेक शांति धारा रचित जैन व अनुराग जैन ने की। तत्पश्चात शुक्रवार से रतनात्रय प्रारंभ होने के साथ-साथ विधि विधान से उनकी पूजा-अर्चना की गई।

पावन दसलक्षण महापर्व के अवसर पर जैन समाज ने विशेष भक्ति और ज्ञानवर्धक कार्यक्रमों का आयोजन किया। शास्त्र वाचन में चिंतक इंद्र कुमार जैन ने कहा कि उत्तम सत्य धर्म जैन धर्म का एक महत्वपूर्ण अंग है। इसका अर्थ है आत्मा और उसके भीतर के परम तत्व सत्य को मानना तथा बाहरी संसार की अनित्य और असत्य वस्तुओं का त्याग करना। उन्होंने कहा कि मनुष्य को इन्हीं सिद्धांतों के अनुरूप जीवन जीना चाहिए।

संध्या बेला में बड़े जैन मंदिर में स्वाति जैन द्वारा आयोजित धार्मिक प्रश्नोत्तरी “कौन बनेगा बालवीर” का आयोजन हुआ। इसमें नन्हे-मुन्ने बच्चों मेहुल जैन, अंशी जैन, मिस्टी जैन, वासु जैन ने प्रतिभाग किया।

स्वाति जैन ने पहला प्रश्न पूछा— मंदिर में मूलनायक प्रतिमा कौन सी है?
मेहुल जैन ने सटीक उत्तर दिया— पार्श्वनाथ।

दूसरे प्रश्न में पूछा गया— भक्तामर स्तोत्र में कितने काव्य हैं?
उत्तर आया— 48।

तीसरे सवाल में स्वाति जैन ने पूछा— कल्याणक किसके होते हैं?
बच्चों ने उत्तर दिया— तीर्थंकर के।

इसी क्रम में कई और धार्मिक प्रश्न पूछे गए जिनके बच्चों ने सही उत्तर देकर सभी को प्रभावित किया।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जैन समाज के लोग मौजूद रहे और बच्चों के ज्ञान तथा उत्साह की सराहना की।