
बहराइच। कतर्नियाघाट वन्य जीव प्रभाग के निशानगाड़ा रेंज अंतर्गत मटेही गांव में मंगलवार रात उस समय हड़कंप मच गया, जब दो तेंदुए एक किसान के घर में घुस आए। घर के आंगन में बंधे कुत्ते के लगातार भौंकने से परिवार की नींद खुली और खिड़की से झांककर देखा तो दोनों तेंदुए आंगन में चहलकदमी करते दिखाई दिए। पूरी घटना घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसका फुटेज सामने आने के बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, सड़क की ओर से होते हुए दोनों तेंदुए किसान मलकीत सिंह चीमा के घर में दाखिल हो गए। आंगन में उनकी गतिविधियां साफ तौर पर कैमरे में रिकॉर्ड हुईं। पालतू कुत्तों के भौंकने की आवाज सुनकर परिवार के लोग जाग गए और बाहर का नजारा देख सन्न रह गए।
टॉर्च की रोशनी में दिखे तेंदुए
किसान मलकीत सिंह ने बताया कि उन्होंने जब टॉर्च जलाकर बाहर देखा तो दोनों तेंदुए एक साथ आंगन में घूमते नजर आए। उन्होंने हिम्मत दिखाते हुए डंडा लेकर शोर मचाया, जिसके बाद तेंदुए खेतों की ओर भाग निकले। हालांकि इस घटना के बाद से परिवार और गांव के लोग भयभीत हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कई दिनों से क्षेत्र में तेंदुओं की आवाजाही बढ़ गई है। रात होते ही लोग घरों से बाहर निकलने में कतराने लगे हैं। बच्चों को अकेले बाहर भेजने से परिजन डर रहे हैं।
वन विभाग से पिंजरा लगाने की मांग
गांववासियों ने वन विभाग को सूचना देकर क्षेत्र में तत्काल पिंजरा लगाने और रात्रि गश्त बढ़ाने की मांग की है। वन क्षेत्राधिकारी एस.के. तिवारी ने बताया कि क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है और टीम लगातार गश्त कर रही है। कैमरों के माध्यम से भी तेंदुओं की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
पांच दिन पहले मासूम की गई थी जान
गौरतलब है कि हाल ही में मोहकमपुरवा गांव में छह वर्षीय बच्ची शहजल पर तेंदुए ने हमला कर दिया था। आंगन में खेल रही बच्ची को तेंदुआ गन्ने के खेत में ले गया था, जहां गंभीर रूप से घायल होने के बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। घटना के बाद वन विभाग ने पिंजरे लगाकर निगरानी शुरू की थी और शुक्रवार को एक मादा तेंदुआ को पकड़ने में सफलता भी मिली थी।
इसके बावजूद एक और सीसीटीवी फुटेज सामने आने से ग्रामीणों में फिर से दहशत गहरा गई है। लोगों का कहना है कि जब तक क्षेत्र में पूरी तरह से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं होते, तब तक भय का माहौल बना रहेगा।