
लखनऊ, नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए के शर्मा ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि स्वीकृत योजनाओं के सापेक्ष डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) तैयार करने में लापरवाही बरतने वाले अधिशासी अधिकारियों (EO) और परियोजना अधिकारियों (पीओ, डूडा) के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़ी योजनाओं में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
लखनऊ के संगम सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में मंत्री ने विभिन्न नगरीय योजनाओं की प्रगति का गहन आकलन किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि लंबित डीपीआर को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा कर शासन को भेजा जाए, ताकि स्वीकृत परियोजनाओं पर समय से कार्य शुरू हो सके।
बैठक में पंडित दीनदयाल उपाध्याय योजना, मुख्यमंत्री नगर सृजन योजना, वंदन योजना, पेयजल योजना, कान्हा गौशाला योजना, उपवन योजना और आदर्श नगर पालिका योजना सहित कई महत्वपूर्ण योजनाओं की बिंदुवार समीक्षा की गई। इन योजनाओं के तहत परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति, वित्तीय स्वीकृति, कार्यारंभ और समयसीमा पर विस्तार से चर्चा हुई।
मंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि सभी योजनाएं तय समयसीमा में धरातल पर उतरें और आम जनता को उनका लाभ जल्द मिले। उन्होंने अधिकारियों को गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
साथ ही उन्होंने परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करने, समस्याओं का त्वरित समाधान करने और जमीनी स्तर पर कार्यों की समीक्षा के दौरान आमजन से फीडबैक लेने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि नगरीय विकास राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इसके माध्यम से शहरों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है।
बैठक में प्रमुख सचिव पी. गुरु प्रसाद, सचिव रविंद्र कुमार, विशेष सचिव सत्य प्रकाश पटेल सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।